परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थियों के तनाव प्रबंधन हेतु वेबीनार आयोजित
रायपुर : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल और एससीईआरटी के संयुक्त तत्वावधान में परीक्षा परिणाम के पश्चात विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के तनाव प्रबंधन के लिए एक विशेष वेबीनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, मनोवैज्ञानिक और करियर विशेषज्ञों ने भाग लिया।
वेबीनार को संबोधित करते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष रेणु जी.पिल्ले ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद कई विद्यार्थी अत्यधिक मानसिक दबाव में आ जाते हैं। ऐसे में शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों में तनाव के संकेतों की पहचान कर उन्हें सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास की ओर प्रेरित करना आवश्यक है।
मंडल की सचिव पुष्पा साहू ने भी वेबीनार में विशेष सहभागिता दी। कार्यक्रम की शुरुआत में एससीईआरटी के अपर संचालक श्री जे.पी. रथ ने वेबीनार के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पहल के माध्यम से हम पूरे प्रदेश में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ा रहे हैं। पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. प्रीति सिंह ने 3-आर मॉडल (रिस्क, रिएक्शन, रीकरेक्टिंग) के माध्यम से तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों की असफलता को शांतिपूर्वक स्वीकार करना चाहिए और सफल व्यक्तित्वों की प्रेरक कहानियों से उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए।
करियर काउंसलर डॉ. वर्षा वरवडकर ने करियर चयन में नॉलेज, स्कील, इंटेरेस्ट, एप्टीट्यूड पद्धति अपनाने की सलाह दी। उन्होंने सामान्य छात्रों के साथ-साथ दिव्यांग छात्रों के करियर मार्गदर्शन पर भी विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया। श्री प्रशांत पांडेय ने कहा कि शिक्षा को परीक्षा से नहीं, जीवन से जोड़ना चाहिए। परीक्षा के बाहर भी सफलता की अनेक राहें हैं। उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, थॉमस एडिसन और युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी जैसे उदाहरणों के माध्यम से प्रेरणा दी। इस वेबीनार में मंडल के उप सचिव जे. के. अग्रवाल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से शिक्षा अधिकारी, डाइट प्राचार्य, स्कूल प्राचार्य एवं शिक्षकगण भी शामिल थे।


CISF Constable Recruitment Dispute: Supreme Court Dismisses Central Government's Petition
नई शराब नीति: पारदर्शी लाइसेंसिंग से बढ़ी प्रतिस्पर्धा और राजस्व
लोकसभा सीटों में इजाफा बना बहस का मुद्दा, उत्तर को लाभ तो दक्षिण को नुकसान?
MP हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती, रिश्वत मामले में डॉक्टर को लगाई फटकार