पटना: बिहार की राजधानी के चर्चित कोचिंग संस्थान 'खान ग्लोबल स्टडीज' के बाहर हुए पथराव और अंधाधुंध फायरिंग के मामले में स्थानीय अदालत ने आज एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले के सह-आरोपी और 'ज्ञान बिंदु' कोचिंग के संचालक रौशन आनंद की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। वे पिछले 12 दिनों से पटना की बेउर जेल में बंद थे। अदालत से कानूनी राहत मिलने के बाद रौशन आनंद आज जेल से बाहर आ गए हैं।

वकीलों की तीखी बहस के बाद कोर्ट ने मंजूर की जमानत

इस संवेदनशील मामले को लेकर बीती 12 जून को अदालत में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच करीब दो घंटे तक तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान रौशन आनंद के वकील ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल को इस मामले में पूरी तरह राजनीतिक और व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते झूठा फंसाया गया है।

अधिवक्ता ने कोर्ट में सवाल उठाया था कि जब इस मामले के नामजद आरोपी फैजल खान उर्फ 'खान सर' को पुलिस और कानून से राहत मिल सकती है, तो रौशन आनंद को जेल में क्यों रखा गया है? बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि घटना स्थल से जो सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं और वहां तैनात दोनों सुरक्षा गार्डों ने जो आधिकारिक बयान दिए हैं, उनमें कहीं भी रौशन आनंद की मौजूदगी या संलिप्तता साबित नहीं होती है। इन तर्कों को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने आज रौशन आनंद को नियमित जमानत दे दी।

नेपाल के होटल में भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत

जमानत की इस कानूनी प्रक्रिया के बीच रविवार को रौशन आनंद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उनके छोटे भाई प्रिंस यादव का शव पड़ोसी देश नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, प्रिंस के चेहरे पर चोट के गहरे निशान मिले हैं, जबकि कमरे की तलाशी के दौरान मिर्गी की कुछ दवाइयां भी बरामद हुई हैं।

नेपाल पुलिस ने इस संदिग्ध मौत के मामले में होटल स्टाफ सहित पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। गौरतलब है कि 2 जून को खान सर के संस्थान पर हुए हमले में रौशन आनंद के साथ उनके भाई प्रिंस यादव को भी आरोपी बनाया गया था, जिसके बाद से ही वे घर से दूर थे। आज बिहार के सहरसा जिले में प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार किया जाना है, जिसमें शामिल होने के लिए रौशन आनंद पटना से रवाना हो गए हैं।

घटना पर गरमाई बिहार की सियासत और खान सर का बयान

कोचिंग वॉर और फायरिंग के इस मामले में प्रिंस यादव की मौत के बाद बिहार का सियासी पारा अचानक बेहद गर्म हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने इस मामले में सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

दूसरी ओर, इस पूरे विवाद के केंद्र में रहे 'खान ग्लोबल स्टडीज' के संचालक खान सर ने प्रिंस की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मीडिया से बात करते हुए खान सर ने कहा कि इस तरह किसी युवा की जान जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने हत्या के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रिंस पिछले काफी समय से गंभीर रूप से बीमार चल रहा था और उसे मिर्गी के दौरे आते थे, इसलिए उसकी मौत बीमारी के कारण हुई है, उसे किसी ने नहीं मारा है।