फूड प्वाइजनिंग की संभावना, पेट दर्द और उल्टी की समस्या
सावधान: गोलगप्पे का चटपटा स्वाद पड़ सकता है भारी, गिरिडीह की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
झारखंड के गिरिडीह जिले के बजटो गांव में गोलगप्पे खाने से भीषण फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है। यहाँ एक रेहड़ी वाले से पानीपुरी खाने के बाद 45 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। पीड़ितों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं, जिन्हें तेज बुखार, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। अत्यंत दुखद बात यह है कि इलाज के दौरान एक 6 वर्षीय बच्चे ने दम तोड़ दिया।
आखिर क्यों जहर बन गए गोलगप्पे?
जांच और विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रीट फूड के मामले में अक्सर ये तीन कारण जानलेवा साबित होते हैं:
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दूषित पानी का उपयोग: गोलगप्पे के तीखे पानी को बनाने के लिए अक्सर असुरक्षित या बिना फिल्टर किए गए पानी का इस्तेमाल किया जाता है। गर्मी के मौसम में इस पानी में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जो सीधे तौर पर पाचन तंत्र पर हमला करते हैं।
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अस्वच्छता और लापरवाही: वेंडर्स द्वारा बिना हाथ धोए या गंदे बर्तनों में सामान परोसने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, बताशों को तलने के लिए बार-बार इस्तेमाल किया गया जला हुआ तेल शरीर में टॉक्सिन्स पैदा करता है।
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खुले में रखा सामान: धूल-मिट्टी और मक्खियों के संपर्क में रहने वाले मसाले और उबले हुए आलू जल्दी खराब हो जाते हैं, जो फूड पॉइजनिंग का मुख्य कारण बनते हैं।
बाहर खाते समय बरतें ये सावधानियां
इस दुखद घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे स्ट्रीट फूड का लुत्फ उठाते समय इन बातों का ध्यान रखें:
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साफ-सफाई की जांच: केवल उन्हीं दुकानों या ठेलों से खाएं जहाँ वेंडर ने ग्लव्स पहने हों और आसपास गंदगी न हो।
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पानी की गुणवत्ता: यदि संभव हो तो पानी की शुद्धता सुनिश्चित करें या घर पर ही गोलगप्पे बनाकर खाएं।
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बच्चों का ध्यान: छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, इसलिए उन्हें अस्वच्छ जगहों पर खाने से रोकें।


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