- फंदा बनाते ही पुलिसकर्मियों की पड़ी नजर तो बच गई जान

-नोटों के हेरफेर में टीआई सहित 5 पुलिसकर्मी हो चुके हैं निलंबित

mp03.in संवाददाता भोपाल 

 राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन थाने में पदस्थ एक आरक्षक रविवार रात थाने के ऊपरी मंजिल में आत्महत्या की कोशिश की है। आत्महत्या करने की सूचना के बाद थाने का स्टॉफ कमरे में पहुंचा और आरक्षक को फंदा लगाने से पहले बचा लिया गया। वह आत्महत्या का प्रयास कर रहा था। आरक्षक अशोका गार्डन थाना पुलिस की उस टीम में शामिल था, जो कटे-फटे नोट बदलने वाले कैलाश खत्री के घर छापामारने पहुंची थी। कैलाश खत्री के घर से नोटों से भरे 6 बैग पुलिस के लापरवाही से बैरागढ़ स्थित कैलाश खत्री के बहन के घर जाने के मामले में टीआई वंदना लाकड़ा, दो उप निरीक्षक सहित पांच पुलिसकर्मी बीते दिनों निलंबित किए जा चुके हैं। अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी डीसीपी जोन-1 जांच कर रही हैं। आत्महत्या का प्रयास करने वाला आरक्षक भी कैलाश खत्री के यहां छापा मारने वाली पुलिस टीम में शामिल था। आरक्षक को इस बात की चिंता है कि जांच के बाद उसे भी निलंबित किया जा सकता है।

इस तरह से बची आरक्षक की जान

पुलिस सूत्रों की मानें तो आरक्षक ने थाने के ऊपर की मंजिल पर जाकर एक कमरे में फंदा बनाकर झूलने वाला था। इसी बीच ग्राउंड फ्लोर में थाने के सीसीटीवी के मॉनीटर पर आरक्षक को फंदा बनाते हुए पुलिसकर्मियों ने देख लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी दौड़ते हुए ऊपर के कमरे में पहुंचे और आरक्षक को बचा लिया। आरक्षक ने आत्महत्या से पहले थाने के एक एएसआई से खुद को बेकसूर बताते हुए रोया था। देर रात एसीपी हबीबगंज ने भी आरक्षक से बात की तो वह रोते हुए खुद को बेकसूर बताया। एसीपी ने उसके साथ किसी भी प्रकार का गलत नहीं होने का भरोसा दिलाया, इसके बाद वह शांत हो सका। बताते हैं कि उसके खिलाफ जब से जांच चल रही है, वह तभी से तनाव में रहने लगा था। 

पुलिस के आला अधिकारी घटना से कर रहे इंकार

अशोका गार्डन थाने के अंदर आरक्षक द्वारा आत्महत्या के प्रयास के मामले को पुलिस के आला अधिकारी पूरी तरह से नकार रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि सोशल मीडिया पर फेक मैसेज किसी ने चला दिया है। इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो थाने में पुलिसकर्मियों का एक गुट उक्त आरक्षक को भी नोटों के गायब होने में भूमिका बताने में तुला है।