जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए घुटने का प्रत्यारोपण उन्नत तकनीकों से संभव
ऑस्टियोआर्थराइटिस: घुटने का प्रत्यारोपण, जिसे नी रिप्लेसमेंट या नी आर्थ्रोप्लास्टी भी कहा जाता है, एक शल्य प्रक्रिया है जिसमें घुटने के जोड़ की क्षतिग्रस्त या घिसी हुई सतहों को धातु और प्लास्टिक से बने कृत्रिम भागों से बदला जाता है। घुटने का जोड़ जांघ की हड्डी (फीमर), पिंडली की हड्डी (टिबिया) और जानुफलक (पटेला) के सिरों से बनता है।
घुटने के प्रत्यारोपण का महत्व और आवश्यकता:
घुटने के प्रत्यारोपण पर आमतौर पर तब विचार किया जाता है जब दवा, फिजियोथेरेपी और इंजेक्शन जैसे अन्य उपचार विकल्प घुटने के दर्द और विकलांगता से पर्याप्त राहत नहीं देते हैं। घुटने के प्रत्यारोपण की आवश्यकता के प्राथमिक कारण शामिल हैं:
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दर्द से राहत: गठिया के कारण होने वाला पुराना घुटने का दर्द इस सर्जरी का सबसे आम कारण है। यह लगातार घुटने के दर्द को काफी कम या खत्म कर सकता है।
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बढ़ी हुई गतिशीलता: क्षतिग्रस्त घुटने गतिशीलता को गंभीर रूप से सीमित कर सकते हैं, जिससे चलना, सीढ़ियाँ चढ़ना और अन्य दैनिक गतिविधियाँ करना मुश्किल हो जाता है। घुटने का प्रत्यारोपण गति की सीमा को बहाल कर सकता है और समग्र गतिशीलता में सुधार कर सकता है।
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अधिक स्वतंत्रता: दर्द को कम करके और गतिशीलता में सुधार करके, घुटने का प्रत्यारोपण व्यक्तियों को दैनिक कार्यों को अधिक आसानी से और स्वतंत्र रूप से करने की अनुमति देता है।
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आनंददायक गतिविधियों को बनाए रखना: घुटने की समस्याओं के कारण अक्सर लोगों को उन गतिविधियों को छोड़ना पड़ता है जिनका वे आनंद लेते थे, जैसे कि चलना, साइकिल चलाना या कम प्रभाव वाले खेल। घुटने का प्रत्यारोपण इस बाधा को दूर कर सकता है।
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जीवन की बेहतर गुणवत्ता: अधिकांश लोग जिन्होंने घुटने का प्रत्यारोपण करवाया है, वे परिणामों से संतुष्ट हैं।
घुटने के प्रत्यारोपण की आवश्यकता का सबसे आम कारण ऑस्टियोआर्थराइटिस है, जहाँ घुटने के जोड़ में उपास्थि टूट जाती है। अन्य स्थितियाँ जिनके कारण घुटने का प्रत्यारोपण आवश्यक हो सकता है, उनमें रुमेटीइड गठिया, पोस्ट-ट्रॉमेटिक गठिया और एवास्कुलर नेक्रोसिस शामिल हैं।
विभिन्न प्रकार के घुटने के प्रत्यारोपण सर्जरी हैं, जिनमें शामिल हैं:
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कुल घुटना प्रत्यारोपण: घुटने के जोड़ के सभी तीन कंपार्टमेंट (मेडियल, लेटरल और पटेलाफेमोरल) को बदलना। यह सबसे आम प्रकार है।
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आंशिक घुटना प्रत्यारोपण (यूनिकॉम्पार्टमेंटल नी रिप्लेसमेंट): घुटने के जोड़ के केवल क्षतिग्रस्त हिस्से को बदलना। यह तब एक विकल्प है जब घुटने का केवल एक तरफ प्रभावित हो।
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जानुफलक प्रत्यारोपण (पटेलाफेमोरल आर्थ्रोप्लास्टी): केवल जानुफलक के नीचे की सतह और जांघ की हड्डी में वह खाँचा बदलना जहाँ वह चलती है।
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संशोधन घुटना प्रत्यारोपण: पहले किए गए घुटने के प्रत्यारोपण को बदलना जो विफल हो गया है या घिस गया है।
जोड़ प्रत्यारोपण में डॉ. विवेक तिवारी की भूमिका:
डॉ. विवेक तिवारी भोपाल के एक प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं जो जटिल जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी में विशेषज्ञता रखते हैं, विशेष रूप से घुटने के प्रत्यारोपण पर उनका विशेष ध्यान है। वह भोपाल के अपोलो सेज अस्पताल में कार्यरत हैं और उनके पास घुटने की सर्जरी और खेल चिकित्सा में व्यापक योग्यताएं और फैलोशिप हैं। डॉ. तिवारी गंभीर घुटने के गठिया और अन्य दुर्बल करने वाली जोड़ों की स्थितियों से पीड़ित अपने रोगियों के लिए सफल परिणाम प्राप्त करने के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग करने के लिए जाने जाते हैं। मरीजों की प्रशंसापत्र उनकी विशेषज्ञता, करुणामय देखभाल और सफल घुटने के प्रत्यारोपण सर्जरी के माध्यम से उनके जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार करने की क्षमता पर प्रकाश डालते हैं। जबकि एक विशेष रूप से जटिल सर्जरी का विशिष्ट विवरण जो अन्य डॉक्टरों को आश्चर्यचकित कर गया, खोज परिणामों में नहीं मिला, उनका लगातार रिकॉर्ड भोपाल और आसपास के क्षेत्र के निवासियों के लिए जटिल घुटने के प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक करने के उच्च स्तर के कौशल और अनुभव को दर्शाता है।
डॉक्टर विवेक तिवारी ने एक जटिल घुटने की सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह मामला इतना जटिल था कि सर्जरी से पहले मेडिकल टीम भी चिंतित थी, लेकिन रोबोटिक तकनीक की मदद से डॉक्टर तिवारी ने सफल ऑपरेशन कर सबको चौंका दिया।
“घुटने में एक कठोर गांठ थी जिससे रोगी बिल्कुल नहीं चल पा रहा था,” डॉक्टर तिवारी ने बताया। “हमने रोबोटिक सर्जरी की मदद से इसे हटाया और नया कृत्रिम जोड़ प्रत्यारोपित किया। रोगी अब तेजी से रिकवरी कर रहा है।”
🔍 सर्जरी की विशेषताएं:
सॉलिड ट्यूमर हटाया गया
रोबोटिक तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण
3 दिन में डिस्चार्ज, 5वें दिन फिजियोथेरेपी शुरू
यह सर्जरी भोपाल में अस्थि चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
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