इतनी क्रूर और वहशी मां कहीं ओर नहीं देखी होगी !

इतनी क्रूर और वहशी मां कहीं ओर नहीं देखी होगी !
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कैलब गिल्बर्ट

mp03.in वर्ल्ड क्राइम डेस्क (ग्लॉसेस्टर)

कैलब  गिल्बर्ट की उम्र अब 28 साल की है। जोकि पूरी तरह स्वस्थ हैं। लेकिन आज  भी यदि वह चश्मा लगाई कोई बूढ़ी औरत को देखता है, तो डर  से कांपने लगता है। क्योंकि ऐसी कोई भी औरत में उसे अपनी मां दिखाई देती है। जिसे उसने हैवान से भी ज्यादा बुरे रूप में पूरे 15 सालों तक झेला है। जीहां, यूरिस स्प्री नाम की कैलब गिल्बर्ट की हैवान मां के किस्से सुनकर आप भी काँप उठेंगे और उसकी मां के लिए बहुत बुरे से बुरे हश्र की कामना करेंगे।  क्योंकि वह बच्चों को गोद  लेने के बाद उन पर भयावह अमानुषिक अत्याचार करके खुश होती थी। जिसका जिंदा गवाह उसका बेटा कैलब रहा है।
उसकी मां यूरिस  अब 74 साल की हो चुकी है, लेकिन ये घटना  1986 से 2005 के बीच की हैं।  तब यूरिस ने बेटे कैलब सहित तीन और बच्चों, विक्टोरिया, अलोमा  और क्रिस्टोफर को गोद  लिया। उसने गोद लेते वक्त संबंधित महकमें में दलील दी  कि वह बच्चों से बहुत प्यार करती है। लेकिन ये उसके जीवन का सबसे बड़ा और क्रूर झूठ था।
पिंजरे में बंद रखकर उलटी और मल खाने को मजबूर करती थी
बेटे कैलब  ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि मां यूरिस कितनी खतरनाक महिला है।  कैलब  के अनुसार यह औरत  विक्टोरिया, अलोमा  और क्रिस्टोफर को कई-कई हफ़्तों तक पिंजरे में बंद रखती थी। जिन्हें  उनकी ही उलटी और मल खाने के लिए मजबूर करती थी।
गले में घुसा देती थी छड़ी का नुकीला हिस्सा 
यूरिस की वहशियत इतनी अधिक थी कि वह अक्सर इन तीनों बच्चों के गले में अपनी छड़ी का नुकीला हिस्सा भी घुसा देती थी। वह उन्हें क्रिकेट के बल्ले सहित डंडे से भी बुरी तरह पीटती थी। और ऐसा करते समय वह चीख-चीखकर कहती थी, ‘माँ को तुमसे प्यार है. इस माँ से  ज्यादा प्यार तुम्हें और कोई नहीं कर सकता है.’।
कैलब बचा रहा 
कैलब ने बताया कि वह संयोगवश इन प्रताड़नाओं से बचा रहा। उसकी मां ने उनके साथ कभी भी ऐसा नहीं किया। लेकिन बाकी बच्चों के साथ जो कुछ होता था, उसे देखकर वह डर  के चलते रात-रात भर सो नहीं पाते थे।  विक्टोरिया, अलोमा  और क्रिस्टोफर सहित कैलब  को भी घर से बाहर निकलने पर भयानक अंजाम भुगतने की धमकी दी जाती थी।
विक्टोरिया नरक से भाग निकली 
फिर एक दिन विक्टोरिया किसी तरह उस नरक से भाग निकली। उसने पुलिस को सब बताया। यूरिस को गिरफ्तार किया गया।  अदालत ने उसे चौदह साल की सजा सुनायी। बाद में उसकी सजा के दो साल कम कर दिए गए। यूरिस छह साल पहले जेल से बाहर आ चुकी है। अफ़सोस की बात यह है कि यूरिस का सच सामने लाने वाली विक्टोरिया अब इस दुनिया में नहीं रही. बीते महीने ही उसने आख़िरी सांस ली. कैलब  को पूरा यकीन है कि बचपन की स्मृतियों के सदमे ने ही विक्टोरिया की इतनी कम उम्र में जान ले ली.
मां का जिक्र आते ही रोंगटे खडे़ हो जाते हैं

कैलब ने बताया कि वह अब  पूरी तरह सामान्य जिंदगी जी रहा है। लेकिन उस औरत का जिक्र सुनते ही मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। रास्ते में यदि उससे मिलती-जुलती कोई बूढ़ी औरत दिख जाए तो मैं आज भी भय से पीला पड़  जाता हूँ।  मैंने उस उम्र में जो कुछ देखा, वह कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। मुझे इसी तकलीफ और डर  के साथ सारी जिंदगी बिताना होगी।’

हमेशा झूठ कहा कि मैं मां हूं 
कैलब  को उस महिला के चंगुल से छूटने के बाद एक और झटका लगा। यूरिस हमेशा उनसे कहती रही कि उसने ही उन्हें जन्म दिया है।  जबकि यह झूठ निकला। कैलब  के माँ-बाप ने उन्हें बचपन में ही फोस्टर केयर होम में छोड़ दिया था, जहां से यूरिस ने उन्हें गोद  लिया था। कैलब  अब अपने असली माँ-बाप से भी मिल चुके हैं।

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