बॉलीवुड से लेकर दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग (साउथ इंडस्ट्री) तक, ऐसे कई बड़े और मशहूर सितारे रहे हैं, जिनके पास एक वक्त पर असीम दौलत और शोहरत हुआ करती थी, लेकिन जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्हें भीषण आर्थिक तंगी और गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक दौर में साउथ सिनेमा के बेहद रईस और लोकप्रिय अभिनेता रहे मोहन शर्मा की कहानी इसका एक बड़ा और दर्दनाक उदाहरण है।

वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर हैं अभिनेता मोहन शर्मा

एक समय कई बड़ी फिल्मों में मुख्य अभिनेता (लीड एक्टर) के तौर पर अपनी धाक जमाने वाले मोहन शर्मा आज चेन्नई या संबंधित क्षेत्र के एक वृद्धाश्रम में एकांत का जीवन गुजारने को मजबूर हैं। अपने बुरे वक्त और संघर्षों के बारे में एक मीडिया साक्षात्कार में बात करते हुए उन्होंने दर्द बयां किया, ‘मेरे इस बेहद बुरे दौर में सुपरस्टार रजनीकांत के अलावा और किसी ने मेरी सुध नहीं ली, सिर्फ उन्होंने ही मेरी आर्थिक मदद की। कुछ समय पहले मेरे पैर में एक गांठ (ट्यूमर) हो जाने के कारण मुझे बड़ी सर्जरी करानी पड़ी थी, जिसके चलते मैं चलने-फिरने में असमर्थ हो गया था। मेरे लिगामेंट में भी गंभीर चोट आई थी, और इन तमाम ऑपरेशनों पर मेरे 4 से 5 लाख रुपये खर्च हो गए।’

अपनी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जिक्र करते हुए मोहन ने आगे बताया, 'पैर की तकलीफ के अलावा मुझे हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज (मधुमेह) जैसी बीमारियां भी हैं। मुझे रोजाना इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते हैं। सिर्फ मेरी दवाइयों का खर्च ही हर महीने लगभग 35,000 रुपये बैठता है। तंगी के इस दौर में मैंने मुख्यमंत्री व अभिनेता थलापति विजय से भी सहायता के लिए गुहार लगाई है।'

दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता से जुड़े संस्मरण किए साझा

अपने सुनहरे दिनों को याद करते हुए मोहन शर्मा ने बताया कि वह कभी तमिलनाडु की दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के पड़ोसी हुआ करते थे। उनसे अपनी आखिरी मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'एक दिन उनकी मेड (नौकरानी) ने मुझे आकर बताया कि जयललिता जी की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उनकी हालत गंभीर है, इसलिए उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। यह सुनकर मैं तुरंत उनके घर गया। उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं इतना परेशान क्यों दिख रहा हूँ? मैंने उन्हें बताया कि मैंने सुना है कि आपकी तबियत बहुत खराब है। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया था, ‘नहीं मोहन, मैं सिर्फ दो दिनों के लिए अपोलो अस्पताल जा रही हूँ और जल्द वापस आ जाऊंगी।’ फिल्म जगत से मैं आखिरी ऐसा व्यक्ति था, जिसने उन्हें उनके आवास पर जीवित देखा था।'

100 से अधिक फिल्मों में किया अभिनय, 20 फिल्मों का किया निर्माण

अपने करियर के शीर्ष पर रहे मोहन शर्मा ने अपने फिल्मी सफर के दौरान करीब 20 फिल्मों का निर्माण (प्रोडक्शन) किया था और 100 से अधिक फिल्मों में मुख्य अभिनेता के रूप में अपनी कला का प्रदर्शन किया था। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं की लगभग 50 अन्य फिल्मों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं। वह दक्षिण भारतीय सिनेमा के ऐसे पहले शख्स थे, जिन्होंने चारों प्रमुख दक्षिण भारतीय भाषाओं (तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़) में फिल्में बनाईं और उनमें काम भी किया।

वह कभी प्रतिष्ठित 'दक्षिण भारतीय फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स' के अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं। हालांकि, वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज वह पूरी तरह से एकांत और लाचारी का जीवन जी रहे हैं, क्योंकि उनकी देखभाल करने वाला परिवार या उनका अपना इस दुनिया में कोई नहीं बचा है।