थार खरीदने की चाहत में बच्चों ने पड़ोसी के घर से चुरा लिए 20 लाख के गहने
ग्रेटर नोएडा। सोशल मीडिया की चकाचौंध और लग्जरी कारों के प्रति बढ़ते आकर्षण ने नाबालिगों को अपराध की राह पर धकेल दिया है। ग्रेटर नोएडा की जेवर पुलिस ने एक घर की अलमारी से 20 लाख रुपए की बड़ी चोरी के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने चार बाल अपचारियों को अपनी अभिरक्षा में लिया है, जिन्होंने महज एक थार गाड़ी खरीदने के शौक को पूरा करने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था।
मामले की शुरुआत जेवर निवासी पार्श्व की शिकायत से हुई, जिन्होंने पुलिस को बताया कि उनके घर की अलमारी में रखे 20 लाख रुपए गायब हैं। पीड़ित के अनुसार, यह रकम उन्होंने हाल ही में एक जमीन बेचकर हासिल की थी और इसे घर की अलमारी में सुरक्षित रखा था। जिस समय चोरी हुई, घर का कोई भी सदस्य वहां मौजूद नहीं था। जब परिवार वापस लौटा, तो अलमारी का ताला टूटा देख उनके होश उड़ गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक जांच टीम गठित की गई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मैन्युअल इंटेलिजेंस का सहारा लिया। जांच के दौरान पुलिस को जेवर ऋषि रोड के पास चार संदिग्ध नाबालिगों के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्हें अभिरक्षा में लिया गया। शुरुआती तलाशी में उनके पास से 2 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान जो सच सामने आया, उसने पुलिस और परिजनों दोनों को हैरान कर दिया। अभिरक्षा में लिए गए चारों किशोर पीड़ित के पड़ोस में ही रहते हैं। सहजता से की गई पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें काले रंग की थार कार का बेहद शौक है। वे अक्सर सोशल मीडिया पर इस गाड़ी की रील्स देखा करते थे और उनका सपना था कि उनके पास भी वैसी ही एक गाड़ी हो। इन चारों में से एक लड़का अक्सर पीड़ित के घर आता-जाता था और उसने देख लिया था कि अलमारी में बड़ी रकम रखी है। मौका मिलते ही उसने अपने दोस्तों को बुलाया और दीवार फांदकर घर में प्रवेश किया। इसके बाद अलमारी का लॉक तोड़कर पूरी रकम लेकर फरार हो गए और उसे सुरक्षित स्थान पर छिपा दिया। एडीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया था। नाबालिगों ने कबूल किया कि चोरी की पूरी योजना सिर्फ थार खरीदने के लिए बनाई गई थी। पुलिस ने चोरी की गई शेष राशि को बरामद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। यह घटना समाज में किशोरों के बीच बढ़ती भौतिकवादी इच्छाओं और उनके कारण पैदा हो रहे आपराधिक रुझान पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है।


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