बीमारी से छुटकारे का उपाय! पौष पूर्णिमा की रात चुपचाप करें ये काम, मां लक्ष्मी की कृपा भी मिलेगी
हिंदू पंचांग में पौष मास को पुण्य, साधना और दान का विशेष काल माना गया है. इस माह की पूर्णिमा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत ऊंचा होता है. मान्यता है कि पौष पूर्णिमा के दिन गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मन को शांति प्राप्त होती है. साथ ही यह तिथि भाग्य को प्रबल करने और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का उत्तम अवसर प्रदान करती है. इस वर्ष पौष पूर्णिमा विशेष शुभ योग में पड़ रही है, जिससे दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए उपाय जीवन में सुख-समृद्धि लाते हैं.
नए साल की पौष पूर्णिमा पर यदि कुछ सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय किए जाएं, तो धन संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इस दिन अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़ और गर्म कपड़ों का दान विशेष फलदायी माना गया है. साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. पौष पूर्णिमा का यह पावन दिन आत्मिक शुद्धि के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी श्रेष्ठ अवसर है.
कब मनाई जाएगी पौष पूर्णिमा?
आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, पंचांग के मुताबिक पौष पूर्णिमा तिथि 2 जनवरी 2026 को शाम 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होगी. वहीं इस तिथि का समापन 3 जनवरी 2026 को दोपहर तीन बजकर 32 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार स्नान-दान की पौष पूर्णिमा 3 जनवरी को मनाई जाएगी.
जरूर करें ये उपाय
1. बहुत समय से अगर बीमारी पीछा नहीं छोड़ रही है, लगातार घर में कोई न कोई बीमारी बनी हुई है, तो पौष माह की पूर्णिमा की रात चावल की खीर बनाएं और इसे चांदी या कांच के बर्तन में ऐसी जगह रखें, जहां चंद्रमा की सीधी रोशनी उसपर पड़े. मध्य रात्रि के बाद इस अमृतमयी खीर को परिवार के साथ ग्रहण करें. यह उपाय उत्तम स्वास्थ्य के लिए श्रेष्ठ माना जाता है.
2. आर्थिक स्थिति में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है, तो पौष मास की पूर्णिमा के दिन 11 पीली कौड़ियों पर हल्दी का तिलक लगाकर मां लक्ष्मी को अर्पित करें. इसके बाद लक्ष्मी जी के मंत्रों का 108 बार जाप करें, फिर इन कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें. इससे सालभर बरकत बनी रहती है.
3. घर में लगातार पारिवारिक कलह मचा रहता है, तो पौष मास की पूर्णिमा के दिन चांदी के लोटे में जल, कच्चा दूध, चीनी और सफेद फूल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें. यह उपाय सौभाग्य में वृद्धि करता है और परिवार में शांति बनी रहती है.


प्रेग्नेंसी में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें जरूरी बातें
खुद को छात्र बताकर ठग ने किया बड़ा फ्रॉड
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद समर्थक और विरोधी आमने-सामने
विदेश नीति में बदलाव! Subrahmanyam Jaishankar का आर्थिक कूटनीति पर जोर
बंगाल-असम पर Bharatiya Janata Party का फोकस, Amit Shah और JP Nadda बने पर्यवेक्षक