दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े का सख्त संदेश, दबाव की राजनीति पर दो-टूक
Swapnil Wankhede: इन दिनों मध्य प्रदेश के दतिया जिले के कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े लगातार सुर्खियों में हैं। जनसुनवाई के दौरान एक पटवारी को निलंबित करने के बाद उपजे विवाद और उस पर कलेक्टर की दो-टूक प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। प्रशासनिक सख्ती और स्पष्ट संदेश के चलते कलेक्टर वानखड़े की चर्चा हर ओर हो रही है।
18 दिसंबर को दतिया में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने पटवारी शैलेंद्र शर्मा को तत्काल निलंबित कर दिया था। इस कार्रवाई से नाराज होकर जिले के कई पटवारी कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और विरोध जताया। इसी दौरान कलेक्टर का सख्त रुख सामने आया, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि नेताओं के माध्यम से प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Swapnil Wankhede ने पटवारियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप 60-70 लोग यहां आकर खड़े हो जाएंगे तो क्या मैं दब जाऊंगा? ऐसा नहीं होने वाला। भगवान और माई मेरे साथ हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी विषय पर चर्चा के लिए तीन-चार प्रतिनिधि आ सकते हैं, लेकिन बार-बार झुंड बनाकर आना अनुचित है और यह जानबूझकर दबाव बनाने की कोशिश मानी जाएगी। उल्लेखनीय है कि पटवारियों का समूह 15 दिनों में दूसरी बार कलेक्ट्रेट पहुंचा था।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर कलेक्टर वानखड़े ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
दतिया कलेक्टर Swapnil Wankhede मूल रूप से महाराष्ट्र के अमरावती जिले के निवासी हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने तीन नौकरियां कीं और चौथे प्रयास में IAS अधिकारी बने। 132वीं रैंक हासिल कर वे 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी बने। इससे पहले उनका चयन 2013 में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर भी हुआ था।


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