अरब और इस्लामी देशों की एकजुटता की तारीफ, ट्रंप बोले — “शांति की यह जीत सबकी है”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इस्राइली संसद (नेसेट) को संबोधित किया। उन्होंने इस बात को दोहराया कि उन्होंने आठ महीने में आठ संघर्षों को खत्म करवाया। ट्रंप ने यह भी कहा कि गाजा शांति समझौता पश्चिम एशिया के लिए एक नई सुबह है। इस बीच, संसद में एक सदस्य के हंगामे के कारण कुछ समय के लिए व्यवधान भी आया।
इस्राइल और गाजा के बीच शांति समझौता करने के लिए इस्राइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस्राइली सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने का एलान किया है। ट्रंप यह सम्मान पाने वाले पहले गैर इस्राइली नागरिक हैं। इसके साथ ही पीएम नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रयासों की सरहाना की है। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइली नेसेट को संबोधित किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अंधेरे और कैद में खौफनाक दो साल बिताने के बाद 20 बहादुर बंधक अब अपने परिवारों के पास वापस लौट रहे हैं। ट्रंप ने दोहराया, हमने आठ महीनों में आठ युद्ध निपटाए हैं, जिनमें यह भी शामिल है। ट्रंप ने कहा, अगर हम जंग में उतरते हैं, तो हम इसे ऐसे जीतते हैं, जैसा पहले कभी किसी ने नहीं जीता।
अमेरिकी राष्ट्रपति अरब और इस्लामी देशों की तारीफ की
अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा में शांति योजना के लिए अरब और इस्लामी देशों की तारीफ की और कहा कि उन्होंने एकजुट होकर हमास पर दबाव डाला और बंधकों को रिहा करने में मदद की। उन्होंने कहा, हमें बहुत मदद मिली। ऐसे कई लोग हैं, जिनके बारे में आपने सोचा भी नहीं होगा और मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।
उन्होंने कहा, यह इस्राइल और पूरी दुनिया के लिए एक अद्भुत कामयाबी है कि इन देशों ने शांति के साझेदार के रूप में मिलकर काम किया। उन्होंने आगे कहा, अब आने वाली पीढ़ियां इस क्षण को ऐसे याद रखेंगी, जब सब कुछ बदलना शुरू हो गया और बहुत ज्यादा बदलाव बेहतरी के लिए हुआ। यह केवल एक जंग का अंत नहीं है। यह इस्राइल और उसके सभी देशों के लिए महान सद्भाव और स्थायी सद्भाव की शुरुआत है।
ट्रंप के भाषण के दौरान एक सदस्य ने किया हंगामा
ट्रंप के भाषण के दौरान नेसेट के एक सदस्य अयमैन ओदेह ने बाधा डाली और फलस्तीन को मान्यता देने की मांग की। ओदेह ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, संसद में दिखावा असहनीय है। एक समूह ने नेतन्याहू का महिमामंडन किया गया, जो पहले कभी नहीं देखा गया था। इससे नेतन्याहू और उनकी सरकार गाजा में हुए मानवता के खिलाफ अपराधों और सैकड़ों हजारों फलस्तीनियों और हजारों इस्राइली लोगों की जान का जिम्मेदार होने से बच नहीं सकते।


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