MPCA अध्यक्ष पद पर सिंधिया की मजबूत दावेदारी, सभी विरोधी स्वर शांत
भोपाल: मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का अगला अध्यक्ष कौन होगा। दो सितंबर को इसके लिए वोटिंग है। इस रेस में सबसे आगे महाआर्यमन सिंधिया चल रहे हैं। उनके नाम सामने आते ही यह संभावना जताई जा रही है कि क्या वे निर्विरोध अध्यक्ष बन जाएंगे। क्योंकि उनके पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया अब बीजेपी में है। कैलाश विजयवर्गीय के साथ उनकी पुरानी अदावत भी खत्म हो गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि महाआर्यमन सिंधिया निर्विरोध एमपीसीए के अध्यक्ष बन सकते हैं। संजय जगदाले का गुट भी कई महत्वपूर्ण पदों पर जीत हासिल कर सकता है।
अभी अभिलाष खांडेकर हैं अध्यक्ष
दरअसल, एमपी क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अभी अभिलाष खांडेकर हैं। उनका दूसरा कार्यकाल पूरा हो रहा है। सूत्रों के अनुसार महाआर्यमन सिंधिया को इसके लिए नामित करने की तैयारी चल रही है। अभी महाआर्यमन सिंधिया ग्वालियर क्रिकेट डिवीजन के उपाध्यक्ष हैं।
एमपी प्रीमियर लीग की शुरुआत की
महाआर्यमन सिंधिया ने दो साल पहले ग्वालियर में एमपी प्रीमियर लीग सिंधिया कप की शुरुआत की थी। इसमें उन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमता दिखाई है। साथ ही यह लीग सफल रही है। एक सीनियर क्रिकेटर ने कहा कि लीग के जरिए महाआर्यमन सिंधिया ने दिखा दिया है कि महाआर्यमन में बड़ी जिम्मेदारियां लेने की क्षमता है।
विरोधी गुटों को भी साधने की तैयारी
वहीं, पहले इस लीग को इंदौर में आयोजित करने की प्लानिंग थी। लेकिन बाद में ग्वालियर में हुआ। सूत्रों ने बताया है कि एसोसिएशन के चुनाव में संजय जगदाले और कैलाश विजयवर्गीय गुट के सदस्यों को भी अहम पद मिल सकते हैं। ताकि उनदोनों को भी साधा जा सके।
इंदौर में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन
वहीं, चुनाव से पहले, एसोसिएशन के आठ डिवीजनों के अधिकारी सोमवार को इंदौर में MPCA पुरस्कार समारोह के लिए पहुंचे। एक वरिष्ठ सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चूंकि सभी लोग इंदौर में थे, इसलिए चुनाव से पहले मिलने का यह एक अच्छा मौका था। अगले कुछ दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। अभी तक यह साफ है कि अध्यक्ष पद के लिए एक नाम तय हो गया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया भी रह चुके हैं अध्यक्ष
गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके पिता माधवराव सिंधिया भी पहले MPCA के अध्यक्ष रह चुके हैं। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव तो बिना विरोध के होने की उम्मीद है। लेकिन सचिव पद के लिए मुकाबला हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, जगदाले गुट का कोई सदस्य इस पद के लिए चुना जा सकता है।


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