भोपाल पुलिस की साप्ताहिक डायरी: अपराध की छाया में सतर्कता की रोशनी..!
आदेशप्रतापसिंह भदौरिया
नमस्कार, मैं हूं भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र । इस साप्ताह 9 से 15 अगस्त 2025 की डायरी लिखते हुए मन भारी है, लेकिन दृढ़ संकल्प से भरा भी। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जहां पूरा शहर तिरंगे की आभा से जगमगा रहा था, वहीं अपराध की काली छाया ने हमें सतर्क रहने की याद दिलाई। यह डायरी सिर्फ घटनाओं की कहानी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है,कि अपराध कभी सोता नहीं, और हमारी सामाजिक लापरवाही इसे और मजबूत बनाती है। आइए, सप्ताह भर की कहानी सुनाते हैं, पुलिस की जुबानी, और अंत में कुछ सुझाव जो आपकी जिंदगी बचा सकते हैं।
सप्ताह की शुरुआत 9 अगस्त से हुई, जब शहर में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां जोरों पर थीं। लेकिन अपराधियों ने मौके का फायदा उठाने की कोशिश की। 10 अगस्त को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई—एक महिला और उसके बेटे की लाश एसडीएम के घर के पास कुएं में मिली। जांच में पता चला कि यह संदिग्ध मौत का मामला है, शायद हत्या या आत्महत्या का। हमने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन यह घटना हमें याद दिलाती है कि घरेलू विवाद कितने घातक हो सकते हैं।
परिवार में तनाव को नजरअंदाज न करें; अगर कोई संकेत दिखे, तो पुलिस या काउंसलिंग सेंटर से मदद लें।
हमारे हेल्पलाइन नंबर 112 या 1098 पर कॉल करें।
यह आपकी जान बचा सकता है।
भोपाल में डिजिटल अरेस्ट जेसे मामले बढ़ रहे हैं,
जहां युवा डिजिटल जुए की चपेट में आ रहे हैं। वहीं दूसरी और कथित जालसाज मासूम लोगों को पुलिस, आर्मी व सीबीआई का खौफ बताकर डिजिटल अरेस्ट जेसी साजिश रचकर अपना शिकार बना रहे हैँ।
लोगों को इसे मामलों मैं सतर्क रहने की जरूरत है। आपको इतना समझना है कि कभी भी पुलिस या सुरक्षा से जुड़ी जांच एजेंसियां अपराधों के संबंध मैं वीडियो कॉलिंग या WhatsUp पर जानकारी या बातचीत नहीं करतीं। वहीं ऑनलाइन गेमिंग के मामलों मैं
पुलिस ने जांच की और पाया कि ये गेम्स नशे की तरह लत लगाते हैं। ऑनलाइन गेमिंग एक जाल है, एक हार आपको जिंदगी से दूर कर सकती है। माता-पिता, बच्चों के फोन पर नजर रखें। अगर लत लगे, तो हमारे साइबर सेल से संपर्क करें या ऐप ब्लॉकर्स इस्तेमाल करें। याद रखें, जीत की खुशी क्षणिक है, लेकिन हार जिंदगी भर का दर्द दे देती है।
12 और 13 अगस्त को शहर में तिरंगा रैली निकाली गई, जिसमें पुलिसकर्मी और नागरिकों ने मिलकर देशभक्ति का संदेश दिया। इधर 'ऑपरेशन मजनू' जैसी पुलिस की मुहिमें महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर लगाम लगाने का एक प्रयास है l
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हमें सहयोग करें, अकेले न लड़ें। हमे साथ लें ।
अपराध की दुनिया में एक फर्जी टीआई (थाना इंचार्ज) ने मृतक राज रघुवंशी के घर पहुंचकर परिवार से पूछताछ की।परिवार को शक हुआ और उन्होंने हमें सूचित किया। हमने उसे गिरफ्तार कर लिया। अपराधी पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग कर रहे हैं; हर कोई पुलिस वाला नहीं होता। किसी भी अधिकारी से आईडी कार्ड मांगें और वेरिफाई करें। हमारी ऐप 'एमपी ई-कॉप' से चेक करें—यह आपकी सुरक्षा का हथियार है।
14 अगस्त को एक वाहन चोर को गिरफ्तार किया गया, जो शहर में कई चोरियां कर रहा था।यह छोटी लगने वाली घटना है, लेकिन इससे पता चलता है कि लापरवाही कितनी महंगी पड़ सकती है।
वाहन चोरी सिर्फ संपत्ति का नुकसान नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा से खिलवाड़ है। हमेशा लॉक लगाएं, सीसीटीवी वाले इलाकों में पार्क करें, और अगर चोरी हो तो तुरंत FIR दर्ज कराएं। हमारी क्राइम ब्रांच 24/7 अलर्ट है।
और अंत में, 15 अगस्त—स्वतंत्रता दिवस। लाल परेड ग्राउंड पर परेड हुई, जहां मैं खुद उपस्थित था और पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने पुलिस भर्ती बोर्ड की घोषणा की, जो हमें और मजबूत बनाएगी।लेकिन इस खुशी के बीच, हमें याद रखना है कि अपराध की जड़ें गहरी हैं। जेसे ड्रग्स, साइबर फ्रॉड, और घरेलू हिंसा।
दोस्तों, मेरी यह डायरी एक चेतावनी है: अपराध शहर की नसों में दौड़ रहा है, लेकिन आपकी सतर्कता इसे रोक सकती है।रात में अकेले न घूमें, अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें, और पड़ोसियों से जुड़े रहें। पुलिस आपकी दोस्त है।हमें कॉल करें, हम साथ हैं। जय हिंद! भोपाल को सुरक्षित बनाएं, क्योंकि स्वतंत्रता तभी सच्ची है जब डर न हो।
••••जय हिंद •••••


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