हनी ट्रैप केस: पुलिस को सिर्फ सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोप साबित करना होगा, शिकायतकर्ता की हो चुकी है मौत
इंदौर: मध्य प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप मामले में कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं, लेकिन इस बीच शिकायतकर्ता इंदौर नगर निगम के निलंबित सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह की मौत हो गई है, हालांकि इससे केस पर कोई असर नहीं पड़ेगा. अब पुलिस को सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोप साबित करने होंगे. पुलिस के पास सबसे बड़ा सबूत वो सीडी है, जो पुलिस ने आरोपियों से जब्त की थी. आरोपियों के वकील ने कोर्ट द्वारा तय किए गए आरोपों को मानने से इनकार कर दिया है. अब हनी ट्रैप मामले में सुनवाई लगातार जारी रहेगी. अब अगली सुनवाई 8 फरवरी को होगी. कोर्ट ने सभी आरोपियों को मौजूद रहने को कहा है. बता दें कि साल 2019 में इंदौर में सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था और इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. इस बहुचर्चित हनी ट्रैप में कई नेताओं और बड़े अफसरों के नाम हैं, लेकिन सिर्फ एक ही शिकायतकर्ता सामने आया. पुलिस ने एक आरोपी की शिकायत पर हरभजन के खिलाफ दुष्कर्म का केस भी दर्ज किया था. इसके बाद हरभजन को नगर निगम ने निलंबित कर दिया था. हरभजन तीन साल से रीवा स्थित अपने पुश्तैनी मकान में रह रहा था।
होटल में बुलाकर हरभजन की सीडी बनाई गई
इस मामले में दर्ज केस में छह महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। आरोपी आरती दयाल और मोनिका ने हरभजन के जरिए अपने रिश्तेदारों को नगर निगम के ठेके दिलवाए। मोनिका ने हरभजन को विजय नगर इलाके के एक होटल में बुलाया और वहां शारीरिक संबंध बनाते हुए हरभजन की सीडी भी तैयार कर ली। उसके आधार पर हरभजन को ब्लैकमेल कर पैसे मांगे जा रहे थे। आरती और मोनिका 50 लाख रुपए लेने इंदौर आई थीं। तभी हरभजन की शिकायत पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ आए ड्राइवर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद भोपाल में एक फ्लैट पर छापा मारकर श्वेता के पति विजय, श्वेता के पति स्वप्निल और बरखा को गिरफ्तार किया गया। ये भी आरती से जुड़े थे।
घर में मिली थी लाश
29 नवंबर को हरभजन सिंह की लाश उनके घर में पड़ी मिली थी। डॉक्टरों ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया था। उस समय हरभजन घर पर अकेले थे। पुलिस ने हरभजन के शव का पोस्टमार्टम भी कराया था। हरभजन इसी केस के सिलसिले में इंदौर आते-जाते थे।


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