ध्रुपद गुरु गुंदेचा बंधुओं पर यौन शोषण के आरोप

 ध्रुपद गुरु गुंदेचा बंधुओं पर यौन शोषण के आरोप
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mp03.in   संवाददाता भोपाल 
 प्रसिद्ध ध्रुपद संस्थान के गायक गुंदेचा बंधुओं पर उनकी शिष्याओं से जबरन दुष्कर्म करने के आरोप लगे हैं।
यह आरोप नीदरलैंड निवासी योगा टीचर लिलियन वैन डैम ने शिष्याओं का पक्ष रखते हुए ध्रुपद संस्थान के फेसबुक ग्रुप ‘ध्रुपद फैमिली यूरोप’ पर  गुंदेचा बन्धु रमाकांत और अखिलेश गुंदेचा पर लगाया है। उन्होने लिखा है कि दोनों भाइयों ने संगीत सिखाने के नाम पर अपनी शिष्याओं का यौन शोषण किया। लिलियन ने पहले नाम न ज़ाहिर करते हुए अपनी एक मित्र की आपबीती ‘ध्रुपद फैमिली यूरोप ‘ फेसबुक ग्रुप पर साझा की है।  उन्होंने  लिखा है कि दोनों ही गुरुओं ने सालों तक अपनी शिष्याओं को डरा धमका कर उनका यौन शोषण किया। फेसबुक पोस्ट में लिखा गया है कि संगीत में करियर बनाने के नाम पर गुंडेचा बन्धुओं ने बहुतेरे युवतियों का यौन शोषण किया।
गलत मैसेज करते थे अखिलेश 
शिष्या ने एक अंग्रेज़ी अख़बार को बताया कि अखिलेश गुंदेचा अमूमन मेरे पहनावे, चाल ढाल की प्रशंसा करते थे। मैंने शुरू में इसे अनदेखा किया। मैंने उनसे कहा कि मैं यहां साफ इरादों के साथ संगीत सीख रही हूं। लेकिन फिर भी वह संदेश भेजते रहते थे। शिष्याओं ने कहा है कि संगीत कक्षाओं के दौरान एकांत में गुरु उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया करते थे। कक्षाओं के बाद भी उनकी ख़ूबसूरती, पहनावे पर कमेंट के बहाने उत्पीड़न किया जाता था। करियर खत्म होने के भय से शिष्याएं सब सहन किया करती हैं।
कमेटी गठित
ध्रुपद संस्थान ने एक आंतरिक जांच कमिटी गठित कर दी है। संस्थान के चेयरमैन उमाकांत गुंदेचा (रामकांत और अखिलेश के बड़े भाई) ने आश्वासन दिया है कि गुंदेचा बंधुओं के विरुद्ध यह जांच बिना किसी हस्तक्षेप के और निष्पक्ष होगी। जांच पूरी होने तक अखिलेश गुंदेचा को संस्थान से अलग कर दिया गया है।
एक भाई का बीते साल देहांत हो चुका है
प्रख्यात गुरु डागर बंधुओं के शिष्य उमाकांत और रमाकान्त गुंदेचा की जोड़ी संगीत जगत में गुंदेचा बंधुओं के नाम से प्रसिद्ध है। इनके तीसरे भाई अखिलेश गुंदेचा भी संगीत सभाओं में अपने भाइयों के साथ संगत करते हैं। गुंदेचा बंधुओं ने ध्रुपद की शिक्षा देने के लिए ध्रुपद गुरुकुल की स्थापना की है। गुंदेचा बंधुओं में से एक रामकांत गुंदेचा का पिछले वर्ष देहान्त हो चुका है।

गुरुओं की धमकियों की वजह से  पीड़ितों के चुप्पी साधे रखने की बात कही

पोस्ट में कहा गया, ‘हमने सच्चाई कहने पर बदला लिए जाने के डर, लोगों द्वारा जज किए जाने के डर और हमें चुप रहने के लिए रमाकांत और अखिलेश गुंदेचा की धमकियों पर विश्वास कर चुप्पी साधे रखी।  सौभाग्य से दुनियाभर में अब चीजें बदलने लगी हैं। हमें यह कहकर धमकी देते रहे कि उन्हें हमेशा वह मिलता है, जो वे चाहते हैं और वह ना सुनना पसंद नहीं करते।

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