8 महीनों से लापता नाबालिग के मामले में न्यायालय ने एसपी शाजापुर को किया तलब

8 महीनों से लापता नाबालिग के मामले में न्यायालय ने एसपी शाजापुर को किया तलब
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– 24 फरवरी से गायब है नाबालिग
– नाबालिग के ममाले में हाईकोर्ट ने की तल्ख टिप्पणी
mp03.in संवाददाता भोपाल 
करीब 8 महीनों से लापता नाबालिग अपह्रत बालिका को ढूंढने में असफल शाजापुर पुलिस पर हाई कोर्ट की ने की तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने मामले की जांच कछुआ चाल से होने की बात भी कही है।
जानकारी के अनुसार 24 फरवरी 2020 में नाबालिग लड़की की गुमशुदगी उसके पिता द्वारा पुलिस थाना बेरछा जिला शाजापुर ने आरोपी विनोद और राजू को संदिग्ध मानते हुए दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर  सन्देह के आधार पर मार्च माह में सोनू पिता बलराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था । जोकि आज तक जेल में बंद है। बावजूद अबतक शाजापुर पुलिस  नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पाई है और न ही नाबालिग लड़की को ढूंढ सकी है। जेल में बंद आरोपी सोनू की और से एडवोकेट मनीष यादव और निर्मल कुशवाह ने जमानत अर्जी पेश करते हुए तर्क रखे पुलिस के द्वारा बिना किसी अपराध के एक 19 वर्षीय बालक को 6 माह से जेल में निरुद्ध कर रखा। जबकि अपह्रत बालिका आज तक पुलिस नही ढूंढा । इस पर कोर्ट ने न्यायालय में उपस्थित अनुसंधान अधिकारी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एसडीओपी बेरछा  त्रिलोक सिंह को आडे़ हाथों लेते हुए  प्रश्न किये जिसका कोई संतोषजनक जवाब वो नही दे पाए जिस पर एडवोकेट यादव ने भी कड़ी आपत्ति जताते हुए पुलिस के गैरजिम्मेदाराना रैवये पर सवाल उठाए हैं। एक निर्दोष को 7 माह से बिना अपराध के जेल में रखने का आरोप लगाया ।इस पर कोर्ट ने पुलिस के रैवये पर उपरोक्त तल्ख टिप्पणी करते हुए पुलिस अधीक्षक शाजापुर को 24 सितंबर को न्यायालय में हाजिर होकर गंभीर मामले में कछुआ चाल से चल रही जांच पर स्पस्टीकरण मांगा है मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रोहित आर्या की कोर्ट में हुई।

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