आटो चालक के अंधे कत्ल का जबलपुर पुलिस ने किया पर्दाफाश

आटो चालक के अंधे कत्ल का जबलपुर पुलिस ने किया पर्दाफाश
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– तिलवारा में उधार रूपये मांगने के विवाद पर की थी आरोपियों ने हत्या 
mp03.in संवाददाता जबलपुर 
जबलपुर की तिलवारा पुलिस ने तीन दिन पूर्व हुए आटो चालक के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार और वाहन भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।
जबलपुर पुलिस के अनुसार   थाना तिलवारा में 26 सितंबर को सुबह पेट्रोल पम्प के पहले रोड के किनारे
राधास्वामी सतसंग के आगे शिवनाथ साहू के कृषि फार्म हाउस के सामने मेन रोड निवासी पप्पू महोबिया ने बताया कि वह  सुबह लगभग 7 बजे कुत्ता घुमाने के लिये रोड पर आया था, कुत्ता को घुमाते समय घर के सामने रोड पर झाड़ियों की तरफ कुत्ता सूंघ कर भौंका तो रोड के किनारे जाकर देखा गड्ढे में भरे पानी मे गड्ढे के किनारे झाड़ियों के बीच एक 30 वर्षीय अज्ञात पुरूष शव पड़ा था। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने पंचनामे के बाद शव को जब्त किया गया। एसपी जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा  के निर्देश पर सीएसपी बरगी रवि सिंह चैहान, एएसपी ग्रामीण शिवेश सिंह बघेल, एफसएल अधिकारी व  फोटोग्राफर मौके पर पहुंचे, घटना स्थल का एफएसएल टीम की उपस्थिति में बारीकी से निरीक्षण किया गया।  मृतक के गले, माथे व कान के पीछे किसी नुकीली धारदार चीज की चोट होना पायी गयी। मृतक की पहचान   आजाद नगर सूपाताल गढ़ा निवासी अरविंद झारिया ( 26) के रूप में हुई। जोकि आटो चलाता था,  मृतक  23 सितंबर को सुबह घर से  अपनी मोटर सायकिल से निकला था।पुलिस ने हत्या की पुष्टी होने और साक्ष्य छुपाने के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा 302, 201 भा.द.वि. के तहत कार्यवाही करते हुये प्रकरण विवेचना मे लिया गया। विवेचना के दौरान  ज्ञात हुआ कि  मृतक आखिरी बार पवन पटेल के साथ देखा गया था। पवन के घर पर नहीं मिले पर उसके भाई बादल को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गयी , जिसने अपने भाई पवन पटेल एवं दोस्त देवीदीन वंशकार के साथ मिलकर अरविंद झारिया की हत्या करना कबूला। बादल की निशानदेही पर पवन और देवीदीन वंशकार को गिरफ्तार कर लिया गया।
4 हजार की उधारी में हत्या 
     पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अरविंद झारिया को रूपयों की आवश्यकता थी, उसने पवन  पटेल से से 4 हजार रूपये उधार मांगे थे। पवन ने छोटे भाई बादल के दोस्त देवीदीन वंशकार से मोटर सायकिल गिरवी रखकर रूपये दिलवाने का वादा किया था।  23 सितंबर को रात लगभग 10 बजे पवन  ने अरविंद  को फोन कर अपने घर बुलवाया, जहाॅ  बादल, देवीदीन समेत चारों ने एक साथ शराब पी एवं खाना खाया, इसी दौरान अरविंद ने पवन से रूपये देने के लिये कहा।  देवीदीन ने 3 दिन बाद रूपये देने को कहा, इसपर विवाद हो गया।  खाना कम पड़ने पर चारों देवीदीन वंशकार की मोटर सायकिल से तिलवारा खाना खाने जा रहे थे। रास्ते में  पवन एवं अरविंद झारिया का फिर विवाद हो गया।  देवीदीन ने मोटर सायकिल रोक दी। सायकिल से उतरने के बाद देवीदीन व बादल ने अरविंद को पकड लिया तथा पवन ने अपने पास रखे चाकू से अरविंद के गले, माथे, कान के पीछे वार कर प्राणघातक चोटें पहुंचा दी। हत्या करने के बाद आरोपियों ने पहचान छुपाने के चलते उसका पर्स एवं मोबाईल जेब से निकाल  शव को झाडियों के  बीच गड्ढे के पानी में फेंक दिया और फरार हो गए।   आरोपियेां की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त मोटर सायकिल लिवो साईन, चाकू, घटना के वक्त पहने हुये खून लगे कपडे, मृतक का पर्स, मोबाईल एवं मोटर सायकिल जप्त किया गया है।
इनकी सराहनीय भूमिका
वारदात का खुलासा करने में थाना प्रभारी तिलवारा सतीश पटेल, सहायक उप निरीक्षक लेखराम नांदोनिया, विनोद द्विवेदी, उत्तम यादव, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा, दयाशंकर सेन, आरक्षक हरीश, हरिसिंह, धर्मेद्र, युवराज, जय कुमार तथा सायबर सेल की सराहनीय भूमिका रही।

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