एक्सपोर्टर कंपनियों के फर्जी डिजिटल सिग्नेचर बनाकर 2 करोड रुपए की डयूटी स्क्रिप्ट बेचने वाला गिरोह सायबर पुलिस के हत्थे चढ़ा

एक्सपोर्टर कंपनियों के फर्जी डिजिटल सिग्नेचर बनाकर 2 करोड रुपए की डयूटी स्क्रिप्ट बेचने वाला गिरोह सायबर पुलिस के हत्थे चढ़ा
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• Merchandise Export India Scheme (MEIS) सर्टीफिकेट के फर्जी इनवाइस बनाने में हैं आरोपी शांतानु माहिर ।
• एक्सपोर्ट इम्पोर्ट कंसलटेंट के नाम पर वर्ष 2012 से कर रहा काम।
• आरोपी शान एक्जीम साउथ तुकोगंज इंदौर के नाम से चलाता था इंदौर में फर्म।
• Erawat Pharma  का लिगल एजेंट के रुप में करता था आरोपी शांतानु काम।
• Erawat Pharma के डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कर (MEIS) सर्टीफिकेट की फर्जी इनवाइस बनाकर बेचा ।
• पूर्व में उपयोग हो चूका VE COMMERCIAL VEHILES LTD  का Merchandise Export India Scheme (MEIS) सर्टीफिकेट की फर्जी इनवाइस बनाकर लगभग 2 करोड रुपए में बेचा TDP AUTO COMPONANATS PRIVATE LIMITED SATARA MAHARASTRA को।
• ओरियंटल रबर इंण्डस्ट्रीज ने सायबर सेल पुणे में कराया आरोपी के खिलाफ केस दर्ज।
mp03.in संवाददाता इंदौर
इंदौर पीथमपुर से विदेषों में एक्सपोर्ट कर रही कम्पनीयों के फर्जी डिजिटल सिग्नेचर बनाकर लगभग 2 करोड रुपए की डयूटी स्क्रिप्ट बेचने वाले गिरोह के 3 अन्य सदस्य राज्य सायबर सेल इंदौर की गिरफ्तार कर लिया है।
सायबर सेल इंदौर एसपी जितेंद्र सिंह के अनुसार वरिष्ट पुलिस अधिकारयिों द्वारा अपराधों के तत्काल निकाल करने के संबंध में हाल में दिए गए दिशा निर्देशों के पालन में कि कार्यवाही की जा रही है। राज्य सायबर सेल एसपी जितेन्द्र सिंह ने बताया कि 16 सितंबर को देवेन्द्र थापक की कंपनी Erawat Pharma और 7 अक्टूबर को ब्रजेश दुबे के द्वारा राज्य साइबर सेल इंदौर आकर अपनी कंपनी VE COMMERCIAL VEHILES LTD के साथ हुए डिजिटल सिग्नेचर का दुरूपयोग कर अनाधिकृत तरीके से लगभग 2 करोड़ रूपए का लाभ कमाने सम्बन्धी शिकायत की गयी थी। इस  मामले की गंभीरता को देखते हुए उक्त शिकायत की जांच के लिए निरीक्षक राशीद अहेमद के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। जांच पर से राज्य सायबर सेल इंदौर द्वारा अपराध क्रमांक 180/2020  एवं 181/2020 पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया। विवेचना के दौरान सायबर सेल द्वारा पुणे महाराष्ट्र के लिए एक टीम रवाना की गई।टीम ने उक्त अपराध में संलिप्त आरोपी नारंगी बागरोड पुणे निवासी शांतनु पिता विजय नारायण जटार, कोडवाखुर्द पुणे निवासी सचिन लोनकर पिता राम लोनकर एवं अभिनव कालेज रोड पुणे निवासी सुदर्शन  मालपानी पिता विष्णु प्रसाद मालपानी को पुछताछ के लिए हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया। आराेपियों से सख्ती से पुछताछ करने पर बताया गया की शांतानु वर्ष 2012 से इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कंसलटेंट का काम कर रहा हैं । तथा Erawat Pharma का लिगल का काम भी वही करता हैं। उसी के द्वारा VE COMMERCIAL VEHILES LTD के डिजिटल सिग्नेचर का उपयोंग कर उनके एमईआईएस सर्टीफिकेटों को अनाधिकृत तरिके से बेचकर लगभग 55 लाख रुपए का लाभ कमाया गया है। पुर्व में भी इसी तरह का फ्राण्ड कर ओरियंटल रबर इंण्डसट्रीज के फर्जी डिजिटल सिग्नेचर बनाकर एमईआईएस सर्टीफिकेट की फर्जी इनवाइस बनाकर लाखों रुपए कमा चूका हैं। सुर्दशन  मालपानी द्वारा बताया गया की शांतानु जटार के साथ मिलकर नकली डिजिटल सिग्नेचर ई-मुद्रा के माध्यम से बनाने का काम करता हैं।  जिसके एवज में वह एक डिजिटल सिग्नेचर पर 3500 रुपए लेता हैं । आरोपी सचिन लोनकर ने 1 से 2 प्रतिशत कमिशन के लालच में पैसा डलकवाकर बतौर कमिशन  3 लाख रुपए लेना कबुला हैं। आरोपीयों के बताए अनुसार फर्जी डिजिटल सिग्नेचर बनाने एवं एमईआईएस सर्टीफिकेट में ई-मुद्रा का रोल भी संदेह के घेरे में हैं। ई-मुद्रा को नोटीस देने की तैयारी में हैं सायबर सेल इंदौर। अन्य आरोपियाे की तलाश में की जा रही है।
इनकी भूमिका सराहनीय 
उक्त प्रकरण के खुलासा करने में निरी0 राशिद अहमद, उप0निरी0 संजय चौधरीए उप0 निरी0 गोपाल अजनार उप0निरी0 राजेन्द्र जाट, प्रधान आर0 रामप्रकाष बाजपेई, प्रभाकर महाजन, आर0 विवेक मिश्रा, आर0 गजेन्द्र सिंह राठौर, आर0 विजय बडोदकर, आर0 आशीष शुक्ला, राहुल सिंह गौरए राकेष बामनीया की सराहनीय भूमिका रही।

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