देवी अहिल्या विश्वविद्यायल के प्रमुख, स्टाफ और विधार्थियों के फोटो एडिट कर फर्जी इस्टांग्राम पर अपलोड करने वाले पूर्व छात्र चढे़ सायबर पुलिस के हत्थे

देवी अहिल्या विश्वविद्यायल के प्रमुख, स्टाफ और विधार्थियों के फोटो एडिट कर फर्जी इस्टांग्राम पर अपलोड करने वाले पूर्व छात्र चढे़ सायबर पुलिस के हत्थे
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-आरोपियों द्वारा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आजीवन शिक्षण विभाग के विभाग से ही वर्ष 2018 में स्नातक किया है।
– DAVVMEMES, DOLLL CONFESSION के नाम से बनाये थे, इंस्टाग्राम पर फर्जी पेज।
– आजीवन शिक्षण विभाग के विभाग प्रमुख के द्वारा की गई थी, उपरोक्त फर्जी पेज की शिकायत।
– आरोपियों को लेने थे, अपने काम के 22000/-रूपए
mp03.in संवाददाता इंदौर 
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आजीवन शिक्षण विभाग के विभाग प्रमुख, स्टाफ एवं विद्यार्थियों के फोटो को एडिट कर फर्जी इंस्टाग्राम पेज पर अपलोड करने वाले दो पूर्व छात्रों को  राज्य सायबर सेल  इन्दौर ने गिरफ्तार कर लिया है।
राज्य सायबर क्राइम पुलिस के अनुसार  मुख्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा अपराधों में तकनीक के दुरूपयोग के तत्काल निकाल करने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के पालन में की गई कार्यवाही में राज्य सायबर सेल इन्दौर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र  सिंह के द्वारा बताया गया कि फरियादी देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आजीवन शिक्षण विभाग के विभाग प्रमुख डाॅ0 भारती जोशी द्वारा आजीवन शिक्षण विभाग के स्टाफ एवं विद्यार्थियों के फोटो को एडिट कर फर्जी इंस्टाग्राम पेज DAVVMEMES, DOLLL CONFESSION पर अपलोड करने के संबंध में शिकायत की गई थी। शिकायत की जाॅच पर से अपराध क्रमांक 140/2020 धारा 43, 66, 66सी आइटी एक्ट का अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया। जिसकी विवेचना हेतु एक टीम गठित की गई। टीम द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त करने पर संदिग्ध मोबाइल नम्बर प्राप्त हुए । जोकि संगम नगर निवासी गौरव यादव पिता राजा यादव  एवं मुसाखेड़ी निवासी अभिषेक पिता धनराज के थे। हिरासत में लेकर दोनाें से  तस्दीक करने पर उन्होंने बताया कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में 2019 में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के ब्राउजर और पेम्प्लेट्स बनाये थे। जिसके भुगतान के रूप में  22000 रूपए  देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के विभाग प्रमुख से लेने थे। जोकि विभाग प्रमुख द्वारा नहीं किया गया। जिस कारण से आरोपी गणों द्वारा इंस्टाग्राम पर उपरोक्त नामों से फर्जी पेज बनाकर विभाग प्रमुख, स्टाफ एवं विद्यार्थियों के फोटो को एडिट कर अपलोड किये थे। आरोपियों द्वारा अन्य सोशल अकाउण्टों से विभाग प्रमुख, स्टाफ एवं विद्यार्थियों के फोटो लेकर एडिट किये थे। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल व दो सीम विधिवत जप्त की गई।
इनकी अहम भूमिका 
उक्त प्रकरण की विवेचना में निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा, उनि जितेन्द्र चैहान, म0आर0 विनिता त्रिपाठी, विक्रान्त तिवारी, विशाल महाजन, आर0 रमेश भिडे, आशीष शुक्ला की सराहनीय भूमिका रही।

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