कोलार निर्भयाकांड की जांच के लिए एसआईटी गठित!, टीआई लाइन हाजिर

कोलार निर्भयाकांड की जांच के लिए एसआईटी गठित!, टीआई लाइन हाजिर
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mp03.in संवाददाता भोपाल 

राजधानी में दिल्ली के निर्भयाकांड की तर्ज पर राजधानी के  कोलार इलाके में युवती के साथ घटित मामला उजागर होने के बाद शुक्रवार को कलेक्टर अविनाश लावनिया और डीआईजी इरशाद वली पीड़िता से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़िता से बातचीत कर पूरी घटनाक्रम के बारे में विस्तार से पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो कोलार थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया को प्रारंभिक जांच में लापरवाही का दोषी पाते हुए  डीआईजी इरशाद वली  ने तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही इस प्रकरण की जांच के लिए एक SIT का गठन भी किया गया है। पूरे मामले की जांच हबीबगंज (Habibganj) CSP भूपेन्द्र सिंह (Bhupendra Singh) को सौंपी गई है।

मालूम होकि 24 साल की छात्रा  से गत 16 जनवरी की शाम को कोलार स्थित जेके रोड पर अज्ञात नशेड़ी युवक ने  दुष्कर्म  और हत्या के प्रयास किया था।शुक्रवार को मामला एक समाचार पत्र ने प्रकाशित होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। पीड़िता ने अखबार के रिपोर्टर को दिए बयान में कहा था कि पुलिस (Police) आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। पीड़िता से आरोपी की शिनाख्त तक नहीं कराई जा रही।जिसके बाद डीआईजी और कलेक्टर शुक्रवार को पीड़िता से मिलने अस्पताल पहुंचे। डीआईजी ने बताया कि घटना के बाद युवती की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामले की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी ने छेड़छाड़ और मारपीट की धाराओं में 16 जनवरी को एफआईआर की गई थी। पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया था। उसके बाद आरोपी की दो बार जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है, जोकि अभी जेल में है।

राहुल गांधी ने भी किया था ट्वीट

अखबार में प्रकाशित समाचार के बाद शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी इसे ट्वीट (Tweet) किया था। जिसमें उन्होंने लिखा है कि ।।।।भोपाल रेप पीड़िता एक महीने बाद भी न्याय से कोसों दूर है क्योंकि भाजपा हमेशा पीड़िता को ही रेप का ज़िम्मेदार ठहराती है और कार्यवाही में ढील देती है जिससे अपराधियों का फ़ायदा होता है। यही है सरकार के ‘बेटी बचाओ’ का सच

 

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