विद्युत ठेकेदारी लायसेंस के लिए 15 लाख रूपए रिश्वत मांगने वाला अधीक्षण यंत्री हुआ ट्रैप !

 विद्युत ठेकेदारी लायसेंस के लिए 15 लाख रूपए रिश्वत मांगने वाला अधीक्षण यंत्री हुआ ट्रैप !
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mp03.in संवाददाता भोपाल 
 विद्युत ठेकेदारी लायसेंस की स्वीकृति के लिए 15 लाख रूपए रूप की रिश्वत मांगने वाले अधीक्षण यंत्री को लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को एक लाख की पहली किश्त लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार 606 टॉवर ग्लोबल हाइट्स सोसायटी, सोहना रोड गुड़गांव निवासी

सुश्री अस्मिता पाठक  द्वारा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल मनू व्यास द्वारा 20 सितंबर  को शिकायत की। जिसमें बताया गया कि दर्श रिन्युअल प्रा लिमि के लिये ऊर्जा सलाहकार  का कार्य करती हैं।  कंपनी का सिंगरौली में 25 मेगावाट सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट के चार्जिंग एवं विद्युत ठेकेदारी लायसेंस की स्वीकृति होना है। जिसके लिए विद्युत विभाग के अधीक्षण यंत्री एसपीएस जादौन द्वारा 1500000 रुपये की मांग की गई है। वेदक की शिकायत पर सत्यापन कार्यवाही की गई जिसमे आवेदक की शिकायत सही पाई गई । आवेदक के पैसे कम करने का बोलने पर अधीक्षक यंत्री अजय प्रताप सिंह जादौन के द्वारा प्रथम क़िस्त एक लाख रुपए की रिश्वत देने के लिए भेजा गया। बुधवार दोपहर 3 बजे जब फरियादी अस्मिता पाठक रिश्वत के लिए  एक लाख रुपए लेकर सतपुड़ा भवन स्थित कार्यालय पहुंची। अधीक्षण यंत्री ने उक्त रिश्वत की रकम अपनी गाड़ी क्र MP09 CZ 1337  में रखे काले बेग में रखवा दी। रकम लेने के बाद वह बाहर घूमता रहा जैसे ही अंदर बैठकर लगा। इसी बीच लोकायुक्त से डीएसपी डॉ सलिल शर्मा एवं सूर्यकांत अवस्थी की  टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। माैके पर गिरफ्तारी पचनामा बनाया गया।

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