दबंगों की प्रताड़ना से तंग प्रापर्टी ब्रोकर ने जहर खाने के बाद दोस्त को फोन करके कहा जा रहा हूं

दबंगों की प्रताड़ना से तंग प्रापर्टी ब्रोकर ने जहर खाने के बाद दोस्त को फोन करके कहा जा रहा हूं
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mp03.in संवाददाता भोपाल 

छोला इलाके में एक प्रापर्टी ब्रोकर  ने दबंगो की प्रताड़ना से तंग आकर चूहा मार पाउडर खाकर दोस्त को कॉल कर कहा कि तबीयत खराब है, जा रहा हूं मैं हमेशा के लिए। दोस्त ने तत्काल अपने बेटे को तबीयत देखने भेजा तो उसने देखा कि पिता के दोस्त उल्टियां कर रहे हैं और मुह से फेन आ रहा है। तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान शाम को उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
पुलिस के अनुसार शिवनगर निवासी  मेवा लाल पुत्र नंदकु यादव (45) मूलत: बनारस के रहने वाले थे, जोकि यहां अकेले रहते थे। वह इलेक्ट्रीकल प्रोडक्ट्स रिपेयरिंग और प्रापर्टी ब्राकिंग भी करते थे। हैं। मृतक के पत्नी और बेटा बनारस में रहते हैं। जबकि दो बेटियां पुट्ठा मील के पास रहती हैं। शुक्रवार की सुबह उसने घर में जहर खा लिया था। उसके दोस्त का बेटा कुल्दीप शर्मा ने उन्हें हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां इलाज के दौरान उनकी शनिवार शाम को मौत हो गई।  पुलिस का कहना है कि मृतक के कमरे को सील कर दिया गया है। आज कमरे की तलाशी ली जाएगी। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

बेटियों ने शव लेने से किया इंकार 

मृतक की दो बेटियां पुट्ठा मील के पास रहती हैं। जिन्हें पिता की मौत की जानकारी दे दी गई है। दोनों ने पिता से किसी तरह का रिश्ता न होने की बात कहकर शव लेने से इनकार कर दिया है। आज कुलदीप का परिवार उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
– प्रापर्टी विवाद में धमकाते थे लोग
मृतक के खास दोस्त कैलाश चंद शर्मा नारीयलखेड़ा में रहते हैं। उनके बेटे कुल्दीप शर्मा ने बताया कि शुक्रवार की सुबह मेवा अंकल ने पिता को कॉल किया था। उन्होंने बताया कि तबीयत ज्यादा खराब है, हमेशा के लिए जा रहा हूं, उनकी आवाज लडख़ड़ा रही थी। तब पिता ने उन्हें दोस्त को देखने के लिए भेजा था। उनके घर जाते ही देखा कि अंकल जमीन पर लेटे थे, उल्टिंया कर रहे थे, उनके मुह से फैन निकल रहा था। तत्काल उन्हें अस्पताल के लिए लेकर निकले। तभी अंकल ने घर में एक जगाह इशारा करते हुए बताया कि वहां सुसाइड नोट लिखा रखा है। रास्ते में उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट में उन्होंने कुछ लोगों के नाम लिख रखे हैं। सभी उन्हें एक प्रापर्टी को लेकर धमकाते थे।
– जमीन का सौदा कराने के बाद से चल रहा था विवाद
कुल्दीप ने बताया कि मेवालाल अंकल ने गुनगा की एक जमीन का सौदा कराया था। किसान ने इस जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करा दी थी। बाद में किसान किसी अन्य केस में जेल चला गया। अब पार्टी सौदे का पैसा लौटाने का दबाव अंकल पर बनाती थी। लगातार उनको जान से मारने की धमकियां दी जा रही  जबकि अंकल ने जमीन का सौदा महज कमीशन पर कराया था। कुल्दीप ने बताया कि अंकल ने रास्ते में उन्हें बताया कि धमकाने वालों की प्रताडऩा से तंग आकर वह जान दे रहे हैं।

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