डेवलपर से जमीन का सौदा कर डेढ़ करोड़ लेने के बाद जालसाज परिवार मुकरा

डेवलपर से जमीन का सौदा कर डेढ़ करोड़ लेने के बाद जालसाज परिवार मुकरा
Share on social media

डेवलपर दर्ज कराया अमानत में खयानत का मामला

Mp03.in  संवाददाता भोपाल

पैतृक जमीन के 9 एकड़ का हिस्सा बेचने के लिए डेवलपर्स से 61 करोड़ रुपए का सौदा करने के बाद परिवार के पांच सदस्य मुकर गए परिवार ने ना तो डेवलपर के डेढ़ करोड़ वापस किए और ना ही सरकारी दफ्तर में सहमति पत्र पर साइन किएl  डेवलपर की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी परिवार के खिलाफ अमानत में खयानत तथा धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
हबीबगंज पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पल्लवी सिंह और राजेश पाटीदार पद्मनाभ डेवलपर्स के संचालक हैं। उनकी फर्म ने तीन साल पहले बावडिय़ा कला में नौ एकड़ जमीन के विकास व कंस्ट्रक्शन के लिए एक परिवार के साथ एग्रीमेंट किया था। परिवार की ओर से कृष्ण कुमार बदवार, उनकी भाभी प्रभादेवी तथा भतीजे संजीव व राजीव तथा भतीजी सविता के साथ एग्रीमेंट किया था। यह जमीन परिवार की पैतृक संपत्ति है जिसे परिवार के लोग बेचना चाहते थे। जमीन का सौदा 61 करोड़ रुपए में तय हुआ था। दोनों पक्षों के बीच जमीन के सौदे को लेकर एग्रीमेंट भी हुआ था। इसमें परिवार के लोगों की ओर से डेवलर्स को भरोसा दिलाया गया था कि डेवलपर्स जमीन के विकास के लिए जिन-जिन सरकारी दफ्तरों में अनुमति के लिए आवेदन करेंगे, परिवार के लोग उसमें अपनी सहमति जताएंगे। फर्म ने परिवार के लोगों को डेढ़ करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया था। डेवलपर्स ने जैसे ही पर्यावास भवन स्थित टाउन एंड कंट्री प्लानिंग दफ्तर में आवेदन दिया वैसे ही परिवार के लोगों ने एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए उस पर आपत्ति लगा दी। डेवलपर्स ने उनसे आपत्ति वापस लेने को कहा, लेकिन परिवार के लोग नहीं माने। कई बाद समझाइश देने के बाद भी जब उन्होंने जमीन बेचने के लिए अपने वादे को नहीं निभाया तथा डेढ़ करोड़ रुपए भी वापस नहीं किए, तब पद्मनाभ डेवलपर्स की संचालक पल्लवी सिंह ने मामले की शिकायत पुलिस को कर दी। पुलिस ने जांच के बाद कृष्ण कुमार बदवार, प्रभादेवी , संजीव, राजीव तथा सविता के खिलाफ गबन और ठगी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि परिवार के लोग अब जमीन का सौदा 61 करोड़ रुपए से भी ज्यादा कीमत में करना चाहते हैं, उनके मन में लालच आ गया। इसी वजह से उन्होंने इस सौदे को निरस्त कराने के लिए आपत्तियां लगाना शुरू कर दी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *