सौतेले बेटे और दूसरी पत्नी ने हमीदिया के अधीक्षक के ड्राइवर की नृशंस हत्या!

सौतेले बेटे और दूसरी पत्नी ने हमीदिया के अधीक्षक के ड्राइवर की  नृशंस हत्या!
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mp03.in संवाददाता भोपाल 

हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डाक्टर दीपक मरावी के ड्रायवर की सौतेले बेटे ने अपनी मां के साथ मिलकर धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी। मृतक का गला रेतने के बाद पत्थर से सिर कुचला गया है। पुलिस ने मृतक का शव मालीखेड़ी पुलिया के पास सड़क किनारे से बरामद कर लिया है। नजदीक ही  मृतक की बाइक भी खड़ी मिली है।  मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार भानपुर निवासी  अमर सिंह विश्वकर्मा (55) हमीदिया अस्पताल में सरकारी ड्राइवर थे। इन दिनों वह हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. दीपक मरावी की कार चला रहे थे। सोमवार को ड्यूटी खत्म होने के बाद वह सोमवार रात 8 बजे घर पहुंचे। थोड़ी देर बाद उनकी दूसरी पत्नी शांति कुशवाहा ने कहा कि मंदिर में भंडारा खाने चलते हैं। अमर पत्नी को बाइक पर बैठाकर घर से निकले। मालीखेड़ी के पास शांति ने बाइक रुकवाई। उसने अपने बड़े बेटे शिवराज (24) को बुलाया। शिवराज मौके पर आया और उसने गुप्ती से ताबड़तोड़ पिता पर हमला कर दिया। अमर ने बचने के लिए विरोध किया, इस पर पत्नी ने उनके शरीर पर पत्थर से हमला कर दिया। हत्या के बाद दोनों उनका शव पुलिया के पास फेंककर घर आ गए। हत्या के बाद शांति अपने बेटे के साथ घर पहुंची। उसने पड़ोस में रहने वाले अमर सिंह के दामादों को फोन लगाया। उसने बताया कि पति नहीं आए। वह रात में घर में बैठकर रोने का नाटक करती रही। परिजन, पड़ोसी उनकी तलाश में जुटे थे। इसी बीच पुलिस से अमर सिंह के मर्डर की सूचना मिली। तुरंत ही परिवार मालीखेड़ी पुलिया पहुंचा। परिवार ने शव की पहचान अमर सिंह के रूप में की। पुलिस ने संदेह के आधार सौतेले बेटे शिवराज से पूछताछ की, जिसके बाद आरोपी ने मां के साथ मिलकर हत्या करना कबूला।
सालभर पहले हुआ था पहली पत्नी का निधन 
अमर सिंह की पहली पत्नी सुआ देवी का सालभर पहले निधन हो गया था। पहली पत्नी से उनकी दो बेटियां भावना और शशि हैं। पहली पत्नी की मौत के बाद उन्होंने नवजीवन कॉलोनी में रहने वाली शांति कुशवाहा से शादी की थी। शांति के पहले पति से दो बेटे शिवराज (24), राहुल (20) और एक बेटी है। अमर सिंह के दामाद मोहन विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने पहली पत्नी की दोनों बेटियों की शादी कर दी थी। दूसरी पत्नी और उसके तीनों बच्चे उनके साथ ही रहते थे।
मकान अपना नाम करवाना चाहते थे आरोपी मां-बेटे
जिस मकान में अमर सिंह रह रहे थे, वो उनकी पहली पत्नी के नाम है। इसी मकान को अपने नाम करने के लिए दूसरी पत्नी और उसका बड़ा बेटा दबाव बना रहा था। इसी को लेकर आए दिन विवाद होता था। जब दूसरी पत्नी को लगा कि अमर सिंह सिर्फ उसका शोषण कर रहा है तो उसने बेटे के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची।
दामाद को हुआ संदेह 
अमर सिंह के दामाद मोहन ने बताया कि रात में हम लोग ससुर की तलाश कर रहे थे। हमारे साथ शिवराज भी पिता को तलाशने में जुटा था। वह बार-बार अपने हाथ के शर्ट की बाह को खींच रहा था। इस पर मुझे शक हुआ। थोड़ी देर बाद देखा कि उसके हाथ में खून लगा है। संदेह होने पर पुलिस को बाद पुलिस ने पूछताछ की और हत्या का खुलासा हुआ।
एक महिला से भी थी दोस्ती
पुलिस की जांच में सामने आया कि शांति देवी के अलावा एक और महिला से अमर सिंह की दोस्ती थी। पुलिस रात में उस महिला को भी थाने लेकर आई। पूछताछ में उसने अमर सिंह से दोस्ती की बात कबूली।

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