स्पेशल डीजी ने कहा मामला महिला नहीं बल्कि पुरूष उत्पीड़न का है !

स्पेशल डीजी ने कहा मामला महिला नहीं बल्कि पुरूष उत्पीड़न का है !
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– IPS शर्मा निलंबन के खिलाफ अपील करेंगे, मुख्यमंत्री के सामने अपना पक्ष रखेंगे
mp03.in संवाददाता भोपाल 
निलंबित आईपीएस पुरूषोत्तम शर्मा ने गृह विभाग को भेजे जवाब में बताया था कि यह मामला उनको प्रताड़ित करने वाला है। यह न तो घरेलू हिंसा का केस है और न ही महिला उत्पीड़न का, बल्कि ये पुरुष प्रताड़ना का केस है। इस जवाब को प्रदेश सरकार ने संतोषजनक नहीं माना और शर्मा को सस्पेंड कर दिया था। इससे पहले शर्मा ने लोक अभियोजन के पद से हटाए जाने के फैसले को स्वीकार किया था, लेकिन उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई से अब वह नाराज हैं।
तनाव के बीच जवाब पेश करने के लिए मात्र 24 घंटे दिए
गृह विभाग ने आदेश में लिखा है कि शर्मा को 27 सितंबर को वायरल वीडियो के संबंध में अगले दिन यानी 28 सितंबर को नोटिस जारी किया गया था। उनका जवाब असंतोषजनक पाया गया है। ऐसे में उन्‍हें तत्‍काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन काल में पुरुषोत्तम शर्मा पुलिस मुख्यालय में रहेंगे।
सीएम के समक्ष रखेंगे पक्ष, पुनर्विचार हुआ तो ठीक नहीं तो न्यायालय ! 
मध्य प्रदेश में पत्नी की पिटाई मामले में स्पेशल डीजी के पद से हटाए गए पुरुषोत्तम शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई के खिलाफ वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर अपना पक्ष रखेंगे। साथ ही अपीलेट कमेटी में पुनर्विचार के लिए अपील करेंगे। पुनर्विचार हुआ तो ठीक, नहीं तो फिर पुरुषोत्तम शर्मा कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
पूरी प्लानिंग के साथ वीडियो बनाया गया है
शर्मा का कहना है कि ‘वीडियो को पूरे प्लानिंग के तहत बनाया गया है। मैंने किसी तरीके की मारपीट नहीं की, झूमा-झटकी हुई है। मैं सालों से अपनी पत्नी की प्रताड़ना को झेल रहा हूं। परिवार न टूटे इसलिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया।’
मेरी पत्नी जो मांग रही है वह मैं उसे कभी नहीं दे सकता: शर्मा 
आईपीएस पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी उन्हें ब्लैकमेल कर रही है। उनसे ऐसी डिमांड की गई है, जिसे वे जीवनभर पूरा नहीं कर पाएंगे। पुरुषोत्तम शर्मा की तरफ से यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि उनकी पत्नी ने यह सब कुछ उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए किया था। प्लानिंग के तहत वीडियो बनाया और उसे वायरल कर दिया। अब उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनकी डिमांड पूरी नहीं करने पर FIR दर्ज करने की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि पत्नी की तरफ से एक करोड़ रुपए, शर्मा की आधी सैलरी और आधी पेंशन के साथ कई जगहों पर घर की डिमांड की गई है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई के खिलाफ सीधे कोर्ट नहीं जा सकते
सरकार के किसी भी आदेश के तहत आप डायरेक्ट कोर्ट नहीं जा सकते हैं। विशेषकर अनुशासनात्मक से जुड़े मामले होते हैं। जब सरकार आदेश जारी करती है, एक अपीलेट कमेटी होती है, जहां पर अपील दायर कर रहा हूं, कि इस पर पुनर्विचार कर लिया जाए। पुनर्विचार करने के बाद फिर कोर्ट जाएंगे। कोर्ट जाने के पहले कैट (सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल) जाते हैं। यहां पर भी अपील करुंगा।
मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतने वरिष्ठ आईपीएस को सस्पेंड किया गया
मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी सीनियर आईपीएस अफसर को सस्पेंड किया गया है। पत्नी के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने पर सरकार ने सबसे पहले स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा को डायरेक्टर लोक अभियोजन के पद से हटाया। इसके बाद उनसे स्पष्टीकरण मांगा और इस स्पष्टीकरण पर असंतोष जताते हुए राज्य शासन ने उन्हें सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिया था।

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