तस्करों ने DB मॉल व दस नंबर मार्केट के पास की थी ड्रग्स की सप्लाई !

तस्करों ने DB मॉल व दस नंबर मार्केट के पास की थी ड्रग्स की सप्लाई !
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mp03.in संवाददाता भोपाल 

डार्कनेट वेबसाइट के जरिए मादक पदार्थो की खरीदफरोख्त करने वाले तस्करों को डीबी मॉल व दस नंबर मार्केट के पास में ड्रग्स की सप्लाई की थी। वेबसाइट के माध्यम से  बुकिंग करने वालों को 15 से 25 दिन के भीतर  माल की डिलीवरी का मैसेज मिलता था। इसका खुलासा अबतक की पड़ताल में पुलिस को हुआ है। पूछताछ में पता चला है कि रातीबड़ और रायसेन रोड के कॉलेजों के आसपास भी ड्रग्स की डिलीवरी की जाती थी। पुलिस ने बुधवार को तस्करों को कोर्ट में पेश किया था। जहां से उन्हें एक दिन की रिमांड मिली थी। गुरुवार को पीआर पूरा होने के बाद फिर न्यायालय में पेश किया गया।
पिपलानी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इंद्रपुरी में रहने वाला ऋित्विक कौशल नाम का छात्र एलएसडी स्टेम्प और एमडीएमए नाम की ड्रग्स की सप्लाई के कारोबार में लिप्त है। पुलिस ने सूचना मिलते ही उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान उसने रोहित नगर निवासी प्रखर सिंह और आयुश नाम के छात्रों के नाम बताए। पुलिस ने प्रखर सिंह के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई कर करीब दस लाख रुपए की प्रतिबंधित दवाएं व ड्रग्स बरामद कीं। प्रखर सिंह ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था। लॉकडाउन लगने के कारण काम बंद हो गया तो उसने डार्कनेट वेबसाइट के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी के कारोबार की जानकारी ली। लॉकडाउन हटते ही उसने तस्करी शुरू कर दी। वह ऑनलाइन डॉलर व बिटक्वाइन के जरिए मादक पदार्थो की बुकिंग करता था। 15 से 25 दिन के भीतर उसे माल की सप्लाई कर दी जाती थी। पिपलानी थाना प्रभारी चैन सिंह रघुवंशी ने बताया कि मु य सप्लायर के बारे में प्रखर को भी कुछ नहीं मालूम है। मुख्य सप्लायर ने एक-दो बार दस नंबर स्टॉप व डीबी मॉल के पास छिपी हुई जगह पर भी ड्रग्स के पैकेट रखे थे। इसके अलावा ज्यादतर वह सुनसान जगहों पर पैकेट रखवाने के बाद उसके पते का मैसेज प्रखर सिंह को कर देता था। प्रखर बाद में ऋिप्विक व आयुश के जरिए कॉलेजों के आसपास ड्रग्स की सप्लाई करवा देता था। इस प्रकरण में दबोचा गया ऋित्विक खुद ड्रग्स का सेवन नहीं करता है। ड्रग्स की सप्लाई प्रमुख तौर पर रायसेन रोड और रातीबड़ रोड के कॉलेजों के आसपास छात्रों को की जाती थी। इसके अलावा रेव पार्टियों में भी ड्रग्स भेजी जाती थी।

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