सीआरपीएफ हवलदार की पत्नी को 33 लाख का चूना लगाने वाले जालसाज दंपत्ति बंटी-बबली की तलाश में पुलिस चंडीगढ़ रवाना !

सीआरपीएफ हवलदार की पत्नी को 33 लाख का चूना लगाने वाले जालसाज दंपत्ति बंटी-बबली की तलाश में पुलिस  चंडीगढ़ रवाना !
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पेट्रोल पंप के नाम पर सीमा पर तैनात जवान की पत्नी से ठगी का मामला
mp03.in संवाददाता भोपाल।
खुद को पूर्व एसीपी बताकर सीआरपीएफ हवलदार की पत्नी से तकरीबन 33 लाख रुपए की राशि हड़पने वाले आरोपि दंपति की लोकेशन हरियाणा और चंडीगढ़ शहर में मिली है। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम चंडीगढ़ रवाना की गई है।
मिसरोद पुलिस के अनुसार आरोपी दंपति ने और भी लोगों के साथ इसी प्रकार से ठगी की है। इस संदर्भ में दो शिकायतें उनके पास पहुंची हैं, जिनकी जांच की जा रही है। ज्ञाज हो  कि 35 वर्षीय कीर्ति बराड़े पति संतोष बराड़े, मिसरोद इलाके में रहती हैं। उनके पति संतोष सीआरपीएफ में हवलदार हैं, जो इन दिनों जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। कीर्ति ने पुलिस को शिकायती आवेदन देते हुए बताया था कि आकृति ग्रीन कालोनी निवासी तुषार सिंह मलिक (47) और उसकी पत्नी सोनाली मलिक का बेटा स्कूल में उनके बेटे के साथ पढ़ता था। वर्ष 2018 में सोनाली मलिक ने अपनी बेटी के जन्मदिन पर कीर्ति को परिवार समेत बुलाया। उन्होंने अपनी गाड़ी भेजी और पार्टी खत्म होने के बाद तुषार व सोनाली उन्हें गाड़ी से घर छोडऩे भी आए। लगा कि काफी सज्जन लोग हैं। लेकिन उनके मंसूबे उस समय समझ में नहीं आए थे कि वह उनको अपने जाल में फंसा रहे हैं।
पेट्रोल पंप खुलवाने का दिया झांसा
इस दौरान सोनाली ने कीर्ति से उसके पति के बारे में पूछा कि वे क्या करते हैं। कीर्ति ने सब जानकारी दे दी। सोनाली ने कहा कि फिर तो वे ज्यादा घर पर नहीं आ पाते होंगे। सोनाली ने बताया कि मेरी तुषार से दूसरी शादी हुई है। शादी के बाद तुषार ने नौकरी छोड़ दी। तुषार दिल्ली में एसीपी रह चुके हैं। वे सीआरपीएफ में डिप्टी कमांडेंट थे। प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली पुलिस में गए थे। उनकी दिल्ली में काफी लोगों से पहचान है। उन्होंने कीर्ति को यह झांसा दिया कि पेट्रोल पंप का फार्म भरो, हम पेट्रोल पंप आवंटित करवा देंगे। कीर्ति ने मना भी किया कि हमारे पास इतने पैसे नहीं है तो सोनाली ने कहा कि आपको एक साथ पैसे नहीं देने होंगे। आराम से धीरे-धीरे दे देना।
15 बार में कीर्ति से ऐंठी रकम
झांसे में आई कीर्ति ने बिना पति को बताए पेट्रोल पंप के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया। फार्म की फीस पांच हजार रुपए थी, लेकिन तुषार ने उनसे 35 हजार रुपए लिए। इसके बाद तुषार ने एक लाख रुपए वकील को देने के नाम पर कीर्ति से और ले लिए। इस तरह कीर्ति ने 15 बार में तुषार को 32.85 लाख रुपए दिए। इसमें से 10 बार रकम तुषार के खाते में जमा हुई। तुषार ने मई 2020 तक पेट्रोल पंप उन्हें दिलवाने की बात कही थी। लेकिन फरवरी में ही तुषार पूरे परिवार के साथ भोपाल से गायब हो गया। 4 फरवरी को जब कीर्ति ने उनसे संपर्क करना चाहा तो परिवार के सभी लोगों के मोबाइल नंबर बंद थे।

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