लोगों के पैसे लेकर भागी कोलकाता की कंपनी पर नौ साल बाद मामला दर्ज

लोगों के पैसे लेकर भागी कोलकाता की कंपनी पर नौ साल बाद मामला दर्ज
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शेयर और बांड के नाम पर लोगों से जमा कराए थे लाखों
Mp03.in संवददाता भोपाल

नगर जोन-2 में वर्ष 2012-2013 में कोलकाता की एक कंपनी द्वारा लोगों को पैसा दोगुना करने के नाम पर शेयर देने और बांड देने का झांसा देकर लाखों रुपए ठगने का ममाला सामने आया है। कंपनी 2013 में ही एमपी नगर का दफ्तर बंद कर फरार हो गई थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं हो सका था। अब प्रदेश भर में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ अभियान चल रहा है, तब जाकर फरियादी के पुराने शिकायत की जांच कर धोखाधड़ी दर्ज की गई है। वहीं मिसरोद में एक युवक को बैंक ट्रांजेक्शन के नाम पर 11 हजार रुपए की जालसाज ने चपत लगा दी है। एमपी नगर थाने के एसआई सूरज सिंह रंधावा ने बताया कि सुरेश मेहरा पुत्र बाला प्रसाद (47) नरेला शंकरी के पास थाना बिलखिरिया का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि वर्ष 2012 में एमपी नगर जोन-2 में स्थित रमा काम्प्लेक्स में अमृत प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक कंपनी का कार्यालय था। उक्त कंपनी मूलत: कोलकाता की है। कंपनी के संचालक कैलाशचंद्र, कालीकिशोर बक्शी, शशांक राय सरकार, वरुण कुमार डे और वीरेंद्र ने कंपनी में पांच साल में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर पैसा जमा कराया था। इतना ही नहीं निवेश के बदले में ग्राहकों को कंपनी के शेयर और बांड जारी किए थे। कंपनी ने यह भी वादा किया था कि अगर समय से पहले भी पैसा वापस पाना चाहते हैं तो कंपनी द्वारा दिए गए शेयर और बांड जमा कर अपना पैसा प्राप्त कर सकते हैं। फरियादी ने करीब चार लाख 63 हजार से अधिक रुपए निवेश किए थे। 2013 में उक्त कंपनी एमपी नगर स्थित कपना कार्यालय बंद कर चली गई। फरियादी ने कुछ साल पहले थाने में शिकायती आवेदन दिया था। पुलिस ने आवेदन जांच के बाद कंपनी के संचालकों व अन्य पदाधिकारियों व एमपी नगर स्थित कंपनी के अधिकारियों को धोखाधड़ी का आरोपी बनाया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। विवेचना अधिकारी एसआई रंधावा ने बताया कि अभी तक तीन फरियादी सामने आए हैं, और भी फरियादी आते हैं तो उनकी शिकायतों की जांच कर मामला दर्ज किया जाएगा।

बैंक ट्रांजेक्शन के नाम पर ठगी
वहीं मिसरोद थाने के मेट्रो आशियाना बंगले रोड निवासी अभिषेक कुमार पिता निरंजन पाल (41) ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर 26 जनवरी को एक मोबाइल नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को बैंक से संबंधित अधिकारी बताते हुए कुछ जानकारी मांगी। फरियादी शातिर जालसाज की मंशा को भांप नहीं पाया और वह जानकारी देता चला गया। इसी बीच फोन द्वारा आरोपी मोबाइल धारक ने उसके खाते से ग्यारह हजार रुपए निकाल लिए। पुलिस ने जांच के बाद साइबर अपराध मानते हुए धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।

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