अपहरण वारदात का 24  घंटों में एमपी नगर पुलिस ने किया खुलासा

अपहरण वारदात का 24  घंटों में एमपी नगर पुलिस ने किया खुलासा
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  • अपहृत बरामद एवं आरोपी हुए गिरफ्तार
  •  एक फोन कॉल के आधार पर मिली लीड
  •   बदले की भावना के कारण दिया था वारदात को अंजाम
mp03.in संवाददाता भोपाल
अपहरण के आरोपी के भाई को जिला न्यायालय के बाहर से मारपीट कर अपह्त बच्ची के परिजनों ने मारपीट कर अगवा कर ले गए। चौबीस घंटों में पुलिस ने मामले का खुलासा का अपह्त को मुक्त कराकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एमपी नगर पुलिस के अनुसार 22 अप्रैल को ग्राम सिकरौर सहवरी, जिला आजमगढ़ निवासी दुर्गविजय सिंह ने बताया कि उसके विरुद्ध दर्ज अपहरण के प्रकरण मे जमानत कराने भोपाल न्यायालय अपने भाई रणविजय सिंह व अन्य परिचितो के साथ आया था। पेशी के बाद शाम 5.30 बजे वह कोर्ट से बाहर निकले। जहां स्वतन्त्र गुप्ता, गुन सागर गुप्ता लल्लन गुप्ता व रोहित महाराज व अन्य लोग विवाद करने लगे। भाई रणविजय सिंह गाडी लाने के लिये न्यायालय के मुख्य गेट के बाहर पहुंचा, इसी बीच आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और अपहरण कर ले गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 365 भादवि का पंजीवद्ध कर विवेचना मे लिया गया। पुलिस ने आरोपियों को थाने बुलाया, जोकि इकट्ठे ना आकर दो-दो करके आए, जिसपर पुलिस को संदेह होने लगा। अचानक ही जांचकर्ता अधिकारी सब इंस्पेक्टर परिहार के नंबर पर अगवा रणविजय सिंह का फोन आया, जिसने कहा कि मेरे मामले में कार्यवाही न करें, वह जल्द ही थाने आ रहा है। पुलिस को संदेह हुआ कि इंस्पेक्टर का नंबर सिर्फ आरोपियों के पास ही था, जबकि रणविजय पहली बार भोपाल आया था, ऐसे में आरोपियाें द्वारा अपहता रणविजय को दवाब देकर कहलवायी जा रही थी । वरिष्ठ अफसरों ने मॉनिटरिंग कर इस घटना को ट्रेस करने तथा अपरहण की बरामदगी के निर्देश थाना एमपी नगर प्रभारी सुधीर अरजरिया और उनकी टीम को दिए थे, क्योंकि आशंका थी कि कहीं बदले की भावना के वशीभूत आरोपी गण अपहृत के साथ कोई अन्य गंभीर वारदात ना घटित कर बैठे। अतः लगातार टीमें बनाकर दबिश दिए जाने से अंततः प्रथक प्रथक सख्ती एवं हिकमत अली से पूछताछ की गई तो आरोपी गण टूट गए तथा उन्होंने जुर्म कबूल लिया। पुलिस ने मिनाल रेसीडेंसी से अपह्त रणविजय को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी फरार है।
आरोपियों से अपह्रत रणविजय सिंह के दस्तवेज, परिचय पत्र तथा वैंक के एटीएम कार्ड उसके बारे मे और तथा उसके पास रखे 68000/- रूपये नगद जब्त किए गए।
बच्ची के न मिलने पर किया अपहरण
आरोपियों ने बताया उनके घर की बच्ची के अपहरण के आरोपी दुर्गविजय को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। लेकिन  बच्ची भी बरामद नहीं हुई थी तो सभी एकदम मायूस हो गए और उन्हें लगा कि अब कानून  के रास्ते पर चलने के बजाय हो सकता है कानून हाथ में लेने से उन्हें उनके घर की बच्ची मिल जाए और इसी कारण उन्होंने दुर्गविजय के बड़े भाई रणविजय जो कि पहली बार भोपाल आया था (अपने भाई की जमानत के लिए) का अपहरण अदालत के सामने से अगवा कर लिया।
हाईवे  पर घुमाते रहे, फिर कमरे में रखा
अपहण दुर्गविजय को आरोपी हाईवे के विभिन्न रोड ऊपर घुमाते रहे ताकि किसी तरह की चेकिंग में ना पकड़े जाएं। सुबह 4:00 मिनाल रेजीडेंसी के उस घर में  जहां इनके अन्य कर्मचारी रहते हैं  रणविजय को लाकर रख दिया था और दबाव बनाने लगे कि रणविजय बताएं कि उनके घर की बच्ची कहां है।
*गिरफ्तार आरोपी –*
1. स्वतंत्र गुप्ता बाबू पिता स्व. राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता , मिनाल रेसीडेंसी अयोध्या नगर भोपाल
2. गुन सागर गुप्ता पिता  पिता स्व. राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, मिनाल रेसीडेंसी अयोध्या नगर भोपाल
3. लल्लन गुप्ता पिता शिवनारायण गुप्ता,  ग्राम बामौर झांसी उ.प्र.
4. रोहित शर्मा पिता कृपाशंकर शर्मा, ऑल्ड मिनाल रेसीडेंसी अयोध्या नगर भोपाल
5. अमित शर्मा पिता पिता रमेश चंद्र शर्मा, बैंक कॉलोनी थाना ठाठीपुर ग्वालियर
*फरार आरोपी-*
    अभिषेक गुप्ता पिता बैकुंठनारायण गुप्ता निवासी मिनाल रेसीडेंसी भोपाल
इनकी सराहनीय भूमिका 
   थाना एमपी नगर की पुलिस टीम द्वारा विभिन्न एंगल से लगातार पूछताछ और टेक्निकल लीड के आधार पर इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा 24 घंटे के अंदर ही कर अपहृत को सुरक्षित बरामद करने पर रिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप पूरी टीम को नगद पुरस्कार की अनुशंसा की गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी एम.पी.नगर  सुधीर अरजरिया, उनि.आनंद सिंह परिहार, उनि. केशांत शर्मा, सउनि. गंगा सिंह, सउनि. सतेंद्र दुवेदी, प्रआर. लक्ष्मीनारायण की अहम भूमिका रही।

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