फर्जी सिम गिरोह का मास्टर माइण्ड भी करैरा से गिरफ्तार

फर्जी सिम गिरोह का मास्टर माइण्ड भी करैरा से गिरफ्तार
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1500 से ज्यादा फर्जी दस्तावेजो पर सिम एक्टिवेट करवाकर सायबर ठगो को कर चुका है सप्लाई
 फर्जी दस्तावेजो पर सिम एक्टीवेट कर दूसरे राज्यों मे ंबेचते थे।
 आरोपी आधार कार्ड में फोटो सहआरोपियों की लगता है एवं नाम व पता फर्जी उपयोग करता है।
 आरोपी फर्जी आधार कार्ड का उपयोग कर स्वयं पीओएस एजेण्ट रजिस्टर्ड हो जाते है।
 आरोपी पीओएस एजेण्ट में सहआरोपियों की फोटो का उपयोग करता है।
 आरोपी पीओएस एजेण्ट भोपाल के पते पर रजिस्टर्ड करवाता है।
 आरोपी अभी तक अलग-अलग नाम व पते पर लगभग 1500 सिमे एक्टीवेट कर सायबर अपराधियेां को दे चुके है।
 समस्त 1500 फर्जी सिमों को ब्लाॅेक करने हेतु टेलीकाॅम कंपनी को पत्र भेजा गया है।
mp03.in संवाददाता भोपाल 
सायबर क्राईम ब्रांच की टीम द्वारा फर्जी दस्तावेजो पर सिम एक्टीवेट कर सायबर अपराधियों केा पहुॅचाने वाले गिरोह के सदस्य को शिवपुरी के करैरा से गिरफ्तार कर लिया है।
सायबर क्राइम के अनुसार डीसीपी क्राइम अमित कुमार, एडीसीपी अपराध शैलेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन  एवं एसीपी सायबर अक्षय चैधरी के दिशा निर्देशन में लगातार सायबर अपराधों की समीक्षा एवं आरोपियों के खिलाफ कार्रवाइयां जारी है। 16 दिसम्बर 2021 को फरियादी अनिल कुमार शर्मा  ने शिकायतीआवेदन दिया था। जिसमें बताया था कि 10 दिसंबर 2021  एक मोबाइल नंबर से फोन आया कि एसबीआई क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेण्ट से बात कर रहा हूॅ।  जिसने कार्ड प्रोटेक्शन प्लान बंद करने के नाम पर एसबीआई क्रेडिट कार्ड का नंबर एवं ओटीपी लेकर फरियादी के साथ कुल 116448/-रूपये की धोखाधडी कर ली। तकनीकि जानकारी के आधार पर बैंक खाता एवं धोखाधडी में उपयोग किये गये मोबाइल नंबरों के उपयोगकर्ताओं के विरूद्व अपराध क्रमांक 18/2022 धारा 419,420,467,468,471,120बी भादवि का पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया। तकनीकि एनालिसिस से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर करैरा जिला षिवपुरी से पूर्व में सिम एक्टीवेट करने वाले 02 फर्जी पीओएस एजेण्ट सहित 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार आरेापी दीपक साहू की सरगर्मी से तलाश्  जा रही थी जिसे सायबर क्राईम जिला भोपाल की टीम द्वारा करैरा जिला शिवपुरी से दीपक साहू को गिरफ्तार किया गया। जिससे  अपराध में प्रयुक्त 02 मोबाइल फोन, 06 सिम कार्ड, एक सीपीयू एव एक हार्ड डिस्क  को जप्त किया गया है।
*तरीका वारदात-*  आरोपी के द्वारा फर्जी दस्तावेजो पर सिमे एक्टिवेट करवाई जाती है, जिसके लिये आरोपी पहले फर्जी नाम एव ंपते का आधार कार्ड तैयार करवाता है। जिसमें नाम एवं पता किसी और का होता है एवं फोटो सह-आरोपियो की होती है। उसी आधार पर फर्जी नाम एवं पते पर टेलीकाॅम कंपनी में सहआरोपियों को पीओएस एजेण्ट रजिस्टर्ड करवाते है और पीओएस एजेण्ट रजिस्टर्ड होने के बाद फर्जी आधार कार्ड पर सिम चालू कर दिल्ली में सायबर अपराधियों को बेच देते है। जिनके सिमों के माध्यम से दिल्ली में बैठे सायबर अपराधियों के द्वारा भोले-भाले लोगो को फोन कर धोखाधडी करते है।
इनकी सराहनीय भूमिका
उनि पारस सोनी, आर. 182 तेजराम सेन, आर. 2411 धीरेन्द्र यादव, आर. 2175 यतिन चैरे
*एडवायजरी-*
वर्तामान में सायबर ठगो द्वारा क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉईंट ने नाम पर फोन किया जाता हैए जिसे उपयोग करने तथा रिवॉर्ड पॉईंट सेटलमेन्ट करने का एवं शॉपिंग करने का बोलते है । क्रेडिट कार्ड या रिवॉर्ड पॉईंट से किसी भी प्रकार की शॉपिंग करते समय उसकी सत्यता एवं विश्वसनीयता की जांच करने के उपरांत ही शॉपिंग या व्यवसाय करें एवं क्रेडिट कार्ड की जानकारी व ओण्टीण्पी किसी से भी सांझा न करें ।
निम्न बातों का हमेशा ध्यान रखेः.
–  बैंक या कम्पनी द्वारा रिवॉर्ड पॉईंट या केश रिवॉर्ड देने के नाम पर कोई कॉल या फोन नही किया जाता है ।
– क्रेडिट कार्ड कम्पनीध्बैंक द्वारा क्रेडिट कार्ड की जानकारी व ओण्टीण्पी कॉल कर नही मांगा जाता है ।
–  ऑनलाईन शॉपिंग करते समय सतर्क रहें एवं सायबर ठगों से बचे।
–  ऑनलाईन खरीददारी के लिए ऐसे बैंक खाता का इस्तेमाल करें जिसमें कम बैलेंस हो ।
–  किसी भी अननॉन बेवसाईट से कोई एप्पलीकेशन डाउनलोड न करें।
–  कभी भी किसी के साथ अपना ओपीटध्सीवीवीध्पासवर्डध्पिन आदि शेयर न करें ।
–  ऑनलाईन अथवा फोन पर दिये गये लुभावने ऑफर के लालच में न पड़े ।
–  किसी अननॉन लिंक पर क्लिक न करें ।
–  कैश बैक या कैश रिवॉर्ड के नाम पर प्राप्त मैसेज में दिये गये नंबर पर कॉल न करें जानकारी के लिए अपने बैंक में जाकर जानकारी प्राप्त करें ।

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