लोकायुक्त रीवा की ‘हैट्रिक’! तीन रिश्वतखोरों को दबोचा रंगे हाथों

लोकायुक्त रीवा की ‘हैट्रिक’! तीन रिश्वतखोरों को दबोचा रंगे हाथों
Share on social media
mp03.in संवाददाता भोपाल /रीवा

चेतराम कौशल, जिला आपूर्ति अधिकारी,
 काम-काज के एवज में पैसों की मांग करने वाले तीन रिश्वतखोर सरकारी कर्मचारियों को लोकायुक्त की टीमों ने मंगलवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इनमें से दो कार्रवाईयां रीवा और एक सिंगरोली में की गई।
एसपी लोकायुक्त रीवा गोपाल सिंह धाकड़ के अनुसार ग्राम देवसर, सिंगरौली निवासी विनीत गौतम मजदूरी करता है। जिसकी बहन की शादी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत हुई थी। आवेदक की बहन के विवाह उपरांत मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का पैसा स्वीकृति के लिए फिल्ड निरीक्षण होना था। जिसके एवेज में पीसीओ जनपद पंचायत रूकमणीकांत द्विवेदी द्वारा पांच हजार रूपए की रिश्वत मांगी जा  रही थी। पीड़ित ने इस मामले में लिखित शिकायत एसपी कार्यालय में दी, जिसकी पुष्टी के बाद मंगलवार को कार्रवाई के लिए टीम को रवाना किया गया, पीड़ित के हाथों रिश्वत की रकम भेजी गइ। कार्यालय परिसर में रिश्वत की रकम लेते ही निरीक्षक जियाउल हक की टीम ने रंगे दबोच लिया। जबकि ग्राम बन्नी पोस्ट, जुडमनिया, रीवा निवासी  सुरेश कुमार पटेल  पिता सस्वर्गीय पुलिस में एसआई हैं। जिन्होंने पेट्रोल पंप के लिए एनओसी जारी करने के लिए आवेदन किया था। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी चेतराम कौशल पिता स्वर्गीय श्री ग्यासी लाल कौशल निवासी 15 सर्वधर्म कॉलोनी कोलार द्वारा 10 हजार रूपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। पीड़ित की शिकायत पर जांच करने के बाद उसे रिश्वत की रकम लेकर रीवा स्थित होटल राज पैलेस के कमरा नंबर 118 में भेजा गया। जहां रिश्वत लेते ही एसआई प्रवीण सिंह परिवार और उनकी टीम ने चेतराम कौश्ल को ट्रैप कर लिया। जबकि तीसरी शिकायत
बन्नई पोस्ट जुडमनिया रीवा निवासी गृहणी  श्रीमती सुलेखा पटेल तिपा श्री सुरेश कुमार पटेल ने की। जिन्होंने बताया कि पेट्रोल पंप के लिए उन्हें एमपीआरडीसी की अनुमति चाहिए थी। जिसके एवज में एमपीआरडीसी का बाबू विनित त्रिपाठी 40,000 रूपए मांग रहा है। सोमवार को लोकायुक्त की टीम ने उन्हें  म0प्र0आर0डी0सी0 संभाग क्रमांक 01 के  कार्यालय में भेजा, जहां निरीक्षक प्रमेंद्रकुमार और उनकी टीम ने रिश्वत खोर बाबू को रंगे हाथों दबोच लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.