पोल्ट्री फार्म उद्योग के नाम पर 50 से ज्यादा बेरोजगारों के 80 लाख लेकर फरार हुए जालसाज

पोल्ट्री फार्म उद्योग के नाम पर 50 से ज्यादा बेरोजगारों के 80 लाख लेकर फरार हुए जालसाज
Share on social media
-20 हजार , 50 हजार तो किसी से 5 लाख का कराया निवेश 
– जनवरी 2020 में भोपाल से कारोबार समेट कर चंपत हो चुके हैं आरोपी
mp03.in संवाददाता भोपाल
दो शातिर बदमाश पोट्री फार्म में निवेश के नाम  आधा सैकड़ा से अधिक लोगों से 80 लाख रूपए ज्यादा की रकम लेकर फरार हो गए।  फरियादियों की शिकायत और जांच के बाद बीती रात चूनाभट्टी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
चूना भट्टी पुलिस के अनुसार कमला नगर निवासी 64 वर्षीय धनराज मेश्राम पिता स्व. महादेव मेश्राम  ने चूनाभट्टी थाने के रक्षा टॉवर में यू-टू-विन बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों छिंदवाड़ा निवासी अमनदीप सिंह और रवि सूर्यवंशी के कहने पर पोल्ट्री फार्म में निवेश किया था। जिन्होंने लोगों को पैसे कर कई गुना फायदा देने का भरोसा दिलाया था। शुरुआत में कंपनी ने मामूली फायदा दिया, जिसके बाद कंपनी फरार हो गई। पीड़ित समेत अन्य निवेशकों की शिकायत पर पुलिस ने कंपनी के फरार संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
इस तरह की ठगी
विवेचना अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने धनराज मेश्राम सहित करीब आधा सैकड़ा से अधिक लोगों को कंपनी में निवेश के नाम पर झांसा दिया था। ठगों ने गरीब, मजदूर,मध्यमवर्गीय और शासकीय कर्मचारियों को ठगा है। आरोपियों ने कंपनी के नियम के अनुसार फरियादियों से निवेश कराई गई मूल रकम की 80 फीसदी राशि का ग्यारह माह बाह का चेक दे देते थे। इसके अलावा प्रति माह प्रतिदिन 0.5  प्रतिशत की दर से ब्याज भी देने का झांसा दिया था। वर्ष 2018 में भोपाल के कई लोगों को ठगों ने हर माह प्रॉफिट के नाम पर ब्याज दिया है। लोगों को ब्याज मिलना शुरू हुआ तो झांसे में आकर और अधिक रकम कंपनी में निवेश कर दी। इसी तरह पहले निवेश करने वाले लोगों ने घरवालों, परिचितों और रिश्तेदारों से भी बड़ी मात्रा में राशि निवेश कराई।
जनवरी से बंद कर दिया पैसा देना
आरोपियों ने भोपाल के आधा सैकड़ा से अधिक लोगों से करीब 80 लाख रुपए से अधिक की राशि निवेश कराने के बाद जनवरी 2020 में लोगों को ब्याज का पैसा नहीं दिया। इसके बाद कंपनी के नियम और कुछ समस्याओं का हवाला देकर पैसे देने में आनाकानी करने लगे। मार्च में लॉकडाउन लगने के बाद कंपनी का कार्यालय बंद कर दिया। फरियादी जब भी पैसे के लिए फोन करते, लॉकडाउन का हवाला देकर चुप करा देते। फरियादियों को विश्वास दिलाया था कि लॉकडाउन खुलने के बाद सभी का पूरा हिसाब किया जाएगा। लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद आरोपियों ने कंपनी के कार्यालय का सामान समेटकर चंपत हो गए। इसके बाद फरियादियों ने चूनाभट्टी थाने से लेकर भोपाल के आला अधिकारियों और पुलिस मुख्यालय में शिकायत की थी।
 फरार बिल्डर ने दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर अपने नाम कराया प्लॉट
भोपाल। कोलार थाना क्षेत्र में रहने वाली एक विधवा महिला के  प्लॉट को फर्जी तरीके से अपने नाम कराने वाले बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।  पुलिस ने जांच के बाद धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
कोलार पुलिस के अनुसार नेहा दुबे पत्नी स्व. अमित दुबे (36) सर्वधर्म बी-सेक्टर कोलार में परिवार के साथ रहती हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वर्ष 2000 में उनके पति ने कोलार में एक प्लॉट खरीदा था। प्लॉट खाली पड़ा था। वर्ष 2007 में बिल्डर सुनील टिबड़ेवाल ने किसी क्षद्म व्यक्ति को उनके पति के रूप में रजिस्ट्रार ऑफिस में खड़ा कर प्लॉट की रजिस्ट्री अपने नाम करा दी। महिला और उसके पति को इस बात की कोई भनक नहीं लगी। वर्ष 2019 में महिला के पति की अचानक मौत हो गई। पति की मौत के बाद महिला ने जब उक्त प्लॉट को अपने नाम नामांतरण करने का प्रयास किया तो पता चला कि वर्ष 2007 में उक्त प्लॉट की रजिस्ट्री बिल्डर सुनील टिबड़ेवाल करा चुका है। महिला ने दस्तावेज चेक कराए तो रजिस्ट्री के समय महिला के पति के स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति की फोटो व व्यक्ति का उपयोग किया गया था। पुलिस ने बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। ज्ञात हो कि बिल्डर टिबड़ेवॉल के खिलाफ कोलार में पहले से धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं और वह फिलहाल फरार चल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *