इंश्योरेंस पॉलिसी क्लेम का झांसा देकर  धोखाधड़ी करने वाला अंतर्राज्यीय सायबर ठग चढ़ा सायबर क्राईम ब्रांच के हत्थे 

इंश्योरेंस पॉलिसी क्लेम का झांसा देकर  धोखाधड़ी करने वाला अंतर्राज्यीय सायबर ठग चढ़ा सायबर क्राईम ब्रांच के हत्थे 
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–  उत्तर प्रदेश व दिल्ली के रहने वाले ठग  मिलकर करते थे ठगी
–  जस्ट डायल से डाटा निकालकर लगाते थे फरियादी को फोन
–  आरोपी पहचान छुपाने के लिये करते थे फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल
– टूर एंड ट्रेवल्स की आड़ मे करते थे इंश्योरेंस पॉलिसी क्लेम दिलाने का फर्जी काम

mp03.in संवाददाता भोपाल 

 बैक मे इंश्योरेन्स पॉलिसी क्लेम कराने के नाम पर एक क व्यक्ति को  628000 रूपए की चपत लगाने वाले शातिर जालसाज को सायबर क्राइम टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।
 सायबर क्राईम भोपाल के अनुसार 6 अगस्त  को आवेदक के द्वारा शिकायत की गई कि DHLF insurance company मे किये गये इंश्योरेंस पॉलीसी का क्लेम दिलाने के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा स्वयं को बीमा लोकपाल बताकर ठगी की गयी। जिसमे अज्ञात व्यक्ति द्वारा आवेदक को 28 लाख रुपये क्लेम दिलाने का झांसा देकर कई प्रकार से अलग अलग मदों के रुप जैसे पेंडेंसी फोर ट्रांसफर, ट्रेम्परी जीएसटी न.तथा जीएसटी. पेडिंग चार्ज आर.बी.आई. चार्ज तथा लीगल डाक्यूमेन्ट फॉर्म के चार्ज के रुप मे राशी खाते मे क्लेम दिलाने का झांसा देकर 628000/- रुपये का आवेदन प्रस्तुत किया। प्राप्त तकनीकि जानकारी के आधार पर मोबाईल उपयोग कर्ता व खाता धारक उपयोककर्ता के विरुध्द अप. क्र. 239/2021 धारा 420 भादवि का अपराध पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सायबर क्राइम ब्रान्च जिला भोपाल की टीम गाठित कर विवेचना शुरू की गई।
सायबर क्राइम ने तकनीकि एनालिसिस के आधार पर त्वरित कार्यवाही करते हुये  जेड-9 बेलकम सीलमपुर-3 शहादरा उत्तर पूर्वी दिल्ली निवासी

 दीपक पुत्र सुरेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। आरोपी से 05 मोबाईल फोन व ए.टी.एम. कार्ड व डायरी जप्त की गयी।
*तारीका वारदात-
 आरोपीगण जस्ट डायल को फोन लगाकर इंश्योरेन्स पॉलिसी Renewal का MIS data खरीदते थे,जिसमे पॉलिसी धारक की पॉलिसी से संबंधित जानकारी जैसे नाम पता, मोबाईल न. , पॉलिसी न. कम्पनी का नाम, डेट ऑफ बर्थ, पॉलीसी डेट, नॉमिनी नाम, आदि जानकारी होती है। जिसके बाद आरोपीगण पॉलिसी धारको को कॉल लगाकर इंश्योरेंस कम्पनी का अधिकारी,  बीमा लोकपाल कार्यालय का अधिकारी, जीएसटी का अधिकारी बनकर बात करते थे ।
पैसा एकाउंट में ट्रांसफर कराकर करते थे जालसाजी 
 पॉलिसी धारको को पॉलिसी क्लेम व रिन्यूवल कराने का कहकर प्रीमियम राशी व विभिन्न चार्ज जैसे -पेंडेंसी फोर ट्रांसफर, ट्रेम्परी जीएसटी न.तथा जीएसटी. पेडिंग चार्ज आर.बी.आई. चार्ज तथा लीगल डाक्यूमेन्ट फॉर्म के चार्ज के रुप मे पैसा अपने अकाउण्ट मे ट्रांसफर कराकर धोखाधड़ी करते थे। आरोपीगण संगठित रुप से काम करते हैं। जिसमे गिरफ्तार आरोपी फरियादी को कॉल करके बातों में उलझाकर पॉलिसी लेने का झासा देता था तथा अन्य चार सह आरोपी बीमा लोकपाल कार्यालय , आर बी आई कार्यालय , जाएसटी कार्यालय का अधिकारी बनकर फरियादी से बात करते थे आरोपीगण हिन्दी भाषी राज्यों  उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, म.प्र.और छत्तीसगढ़ के लोगो को ठगी का निशाना बनाते थे आरोपीगणों के दिल्ली उत्तरप्रदेश के नोयडा, गाजियाबाद, हापुड़ शहरो में घर हैं। आरोपीगण पुलिस से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलते हकर लगातार बदलते थे। विगत 10 वर्षों से कर रहे ठगी का काम अब तक आरोपीगणों द्वारा सेकडों लोगो से करोड़ो रुपये की ठगी की जा चुकी है ।
इनकी सराहनीय भूमिका 
 आरोपी की गिरफ्तारी में  उनि. विवेक आर्य,  प्र.आर. चिन्ना राव, आर. 3117 अशीष मिश्रा, आर. 2025 अंकित मिश्रा, आर. 4113 राघवेन्द्र की सराहनीय भूमिका रही।

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