जालसाजों ने बदला ठगी का तरीका, निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी उनके पहले टारगेट 

जालसाजों ने बदला ठगी का तरीका, निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी उनके पहले टारगेट 
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mp03.in संवाददाता भोपाल 
 जालसाजों ने लोगों से ठगी की वारदातों को तरीका बदल दिया। अब यह जालसाजों के टारगेट पर निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी टारगेट पर हैं। बीते दिनों दो लोगों को लोन दिलाने के नाम पर निजी कंपनी के कर्मचारी बनकर जालसाजों ने हजारों रुपए ठग लिए हैं। ऐसे में लोगों को आसान प्रक्रिया और कम दस्तावेजों में लोन मंजूर कराने का झांसा देने वालों से सावधान रहना होगा। जहांगीराबाद में रविवार को इस तरह के दो मामले दर्ज किए हैं।
केस-1 
जहांगीराबाद पुलिस के अनुसार डब्बर सिंह कचनेर पिता नाथूराम कचनेर पुलिस चौकी बरखेड़ी के पास रहता है। कुछ दिन पहले उसके मोबाइल पर एक मैसेज लोन दिलाने का आया। फरियादी से जालसाज ने तीन अलग-अलग मोबाइल नंबर से अलग-अलग नाम व पदनाम बनकर बात की और पहले प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ढाई हजार, फिर सवा पांच हजार रुपए ले लिए। इसके बाद फरियादी से दस्तावेज और बैंक डिटेल की जानकारी मांगते चले गए। फरियादी को कोटक महिंद्रा कंपनी से लोन मंजूर होने का फजीज़् लेटर मोबाइल पर भेजकर खाते से 71 हजार रुपए निकाल लिए।
केस-2 
जहांगीराबाद पुलिस के अनुसार आरती पंद्राम पिता किशन पंद्राम बरखेड़ी पुलिस चौकी के पास रहती है। फिलहाल पढ़ाई पूरी करने के बाद वह प्राइवेट काम करती है। उसने पुलिस को बताया कि उसके मोबाइल पर लॉटरी जीतने का मैसेज आया था। मैसेज के साथ लॉटरी की जीती गई रकम प्राप्त करने के लिए लिंक भी भेजी गई थी। उसी लिंक संपकज़् किया। इसके बाद फरियादी के मोबाइल पर सस्ती ब्याज दर पर कम दस्तावेज पर लोन दिलाने का झांसा दो अलग-अलग मोबाइल से आने वाले कॉल से दिया जाने लगा। युवती कुछ समझ पाती इसके पहले जालसाजों ने उससे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर बैंक से कुछ पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। फिर प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उससे उसकी पूरी डिटेल और कोड पूछते चले गए। फरियादी समझ ही नहीं पाई, कि उसके खाते से जालसाजों ने 27 हजार से अधिक की रकम निकाल ली।
केस-3 
कोलार पुलिस के अनुसार राहुल यादव पिता महेश यादव (32) दामखेड़ा में परिवार के साथ रहता है। उसके पास इसी साल अगस्त महीने में एक व्यक्ति ने फोन किया और खुद को निजी फाइनेंस कंपनी हीरो फाइनक्रॉप का कर्मचारी बताया। जालसाज ने कहा कि कंपनी कोरोना संक्रमण में आथिज़्क तंगी से जूझ रहे लोगों को कम दस्तावेज और आसान प्रक्रिया ते तहत लोन दे रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि लोन अधिक से अधिक लोग ले सकें। फरियादी भी जालसाज के झांसे में आ गया। इसे बाद उससे अलग-अलग प्रक्रिया के नाम पर 53,342 रुपए की ठगी कर ली गई।
केस-4 
 मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित सीआरपीएफ के बंगरसिया कैंप में रहने वाले जवान संतोष महोबिया के साथ भी ठगी हो गई है। पुलिस के अनुसार जालसाजों ने फरियादी के मोबाइल पर एक मैसेज भेजा था। इसके बाद उसके साथ धोखाधड़ी की, जिससे उसके खाते से 41 हजार 430 रुपए कट गए। पुलिस सभी मामलों में प्रकरण दजज़् कर विवेचना शुरू कर दी है।

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