पार्ट टाईम जॉब का झांसा देकर जालसाज ने दो बेरोजगारों को ठगा

पार्ट टाईम जॉब का झांसा देकर जालसाज ने दो बेरोजगारों को ठगा
Share on social media
  • एक पीडि़त एमपी पीएससी की तैयारी कर रहा है, जेब खर्च निकालने पार्ट टाईम जॉब की तलाश में था
  • फौजी बनकर एक्टिवा बेचने वाले ड्रायवर को ठगा                                                                   
    mp03.in संवाददाता भोपाल।

राजधानी में  पार्ट टाइम नौकरी का झांसा देकर जालसाज ने दो बेरोजगार युवकों को ठग लिया। रविवार को  दो अलग-अलग थानों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जालसाजी के मामले दर्ज किए गए हैं।

कमला नगर पुलिस के अनुसार नेहरू नगर निवासी  जयेश जैन  प्राइवेट नौकरी करता है। कोरोना संक्रमण काल में वह घर से ही काम करता था। इसी बीच उसके मोबाइल पर एक अमेजन एप कल लिंक आई। उसने लिंक मोबाइल में डाउनलोड की तो उसमें ऑनलाइन नौकरी की भी लिंक मिली। फ रियादी ने उस लिंक पर आवेदन किया तो उसे काम करने के निर्देश दिए गए। फ रियादी सेबात करने वाले जालसाज ने उसे काम दिया, फ रियादी ने काम कर दिया तो उसके खाते में पहले 500, फिर 800, इसके बाद ग्यारह सौ और 12 सौ रुपए डाले गए। जालसाजों द्वारा जब चार किश्तों में रुपए डाल दिए गए तो  फरियादी को उन पर विश्वास हो गया। इसके बाद जालसाजों ने उसे फिर से हजारों रुपए का काम देकर बोला गया कि बार-बार फोन से पैसे ट्रांसफर करने में दिक्कत हो रही है। तुम अपना बैंक खाता नंबर और आईएफ एससी कोड भेज दो, पैसे सीधे खाते में जमा कर देंगे। फरियादी ने जैसे ही बैंक खाता नंबर और आईएफ एससी कोड नंबर दिया, 5 मिनट के अंदर 12 ट्रांजेक्शन में उसके बैंक खाते से 52 हजार रुपए निकाल लिए गए। फरियादी की शिकायत पर सायबर सेल ने जांच कर मामला कमला नगर थाने को भेजा है। कमला नगर पुलिस प्रकरण दर्ज कर विवेचना कर रही है।
– ऐसे लगी छात्र को चपत
विक्रांत गुर्जर मूलत: हरदा जिले का रहने वाला है। वह सेकंड स्टॉप स्थित गुर्जर भवन छात्रावास में रहकर एमपी पीएससी की तैयारी कर रहा है। विक्रांत ने कुछ सप्ताह पहले पार्टटाइम नौकरी के लिए ऑनलाइन इंडिया में आवेदन किया था। दसके बाद उसके मोबाइल पर एक लिंक भेजी गई। लिंक में जो भी जानकारी मांगी गई, फरियादी से उसमें फि ल कर दी। इसके बाद उसके खाते से दो बार में 40 हजार रुपए निकाल लिए गए।
फौजी बनकर एक्टिवा बेचने के नाम ड्रायवर को ठगा
जहांगीराबाद पुलिस के अनुसार बरखेड़ी निवासी रंजीत सिंह  प्राइवेट ड्रायवरी करते हैं। उन्होंने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि गत 28 सितंबर को उन्होंने फेसबुक पर एक एक्टिवा का विज्ञापन देखा। एक्टिवा देखने में नई थी और उसकी कीमत भी कम थी। उन्होंने विज्ञापन के साथ दिए नंबर पर कॉल किया तो कॉलर ने बताया कि वह आर्मीमेन है और उसकी पोस्टिंग इंदौर ऐयरपोर्ट पर है। एक्टिवा के बारे में रंजीत ने पूछताछ की तो जालसाज ने कहा कि उसे एक्टिवा बेचना है। इसके बाद 19 हजार 5 सौ रुपए में सौदा हो गया। सौदा होने के बाद पहली किश्त एक हजार रुपए की जालसाज ने खाते में जमा करवा ली। इसी प्रकार आरोपी ने यह कहते हुए कि गाड़ी बैरागढ़ तक पहुंच गई है बाकि के रुपए भी खाते में जमा करा लिए। रुपए जमा करने के बाद जालसाज ने अपना नंबर बंद कर लिया। इसके बाद रंजीत सिंह ने घटना की शिकायत सायबर क्राइम पुलिस से की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *