10 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी लगाकर 113 करोड़ का ठेका लेने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ एफआईआर !

10 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी लगाकर 113 करोड़ का ठेका लेने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ एफआईआर !
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 mp03.in संवाददाता भोपाल
दस करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी देकर करीब 113 करोड़ से आईटीआई कॉलेज के भवन निर्माण का ठेका हासिल करने वाली नागपुर की त्रिरूपति कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एएसपी क्राइम गोपाल सिंह धाकड़ के अनुसार  एम मंसूरी नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन में जोनल मैनेजर हैं। जिसका कार्यालय शाहपुर में स्थित हैं। उन्होंने पुलिस को आवेदन देते हुए बताया था कि एपीसीसी ने रीवा, जबलपुर, सागर और शहडोल में आईटीआई कॉलेज के भवन का निर्माण का टेंडर जारी किया था। चारों जिलों में भवन बनाने का टेंडर करीब 113 करोड़ रुपए था, जो नागपुर की कंस्ट्रक्शन कंपनी त्रिरूपति को दिया गया था। कंपनी में दस करोड़ की बैंक गारंटी दी थी। बाद में पता कंपनी ने बैंक गारंटी दी है, वह फर्जी है। इसका खुलासा होने पर शिकायत हुई थी। आवेदन की जांच के बाद पुलिस ने कंपनी के संचालक विपिन शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
बैंक को पत्र लिखेगी पुलिस
इस फर्जीवाडे़ का खुलासा करने के लिए भोपाल क्राइम ब्रांच बैंकों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है। क्योंकि आरोपी कंपनी संचालक ने बैंक के नाम से फर्जी गारंटी दी है। पुलिस का कहना है कि फर्जीवाडे से जुडे दस्तावेज मिलने और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। बताया जाता है कि आरोपी नागपुर में रहता है, लेकिन उसका कार्यालय भोपाल में है। इसलिए भोपाल में एफआईआर की गई है।
नौकरी दिलाने का झांसा देकर खाते से रकम हड़पी
क्राइम ब्रांच पुलिस ने बताया कि सुमित रोहिरा बैरागढ़ में रहता है। पढ़ाई पूरी होने के बाद उसे नौकरी की तलाश थी। इस दौरान उसके पास दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन आए और जॉब आफर किया। जालसाजों की बातों में वह खुद से जुड़ी निजी जानकारी उन्हें देने लगा। इतना ही नहीं उसके मोबाइल पर आए ओटीपी भी उसने जालसाजों को बता दिया। इसके बाद उसके खाते से करीब 31 हजार 448 रुपए कट गए। जब उसने दोनों मोबाइल नंबर पर फोन लगाया तो किसी ने नहीं उठाया।

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