मकान बेचकर पिता ने इलाज में लगा दिए चालीस लाख, पर नहीं बची आरक्षक बेटे की जान

मकान बेचकर पिता ने इलाज में लगा दिए चालीस लाख, पर नहीं बची आरक्षक बेटे की  जान
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Mp03.in संवाददाता भोपाल।  इलाज के लिए 40 लाख का मकान बेचने के बावजूद भी पिता अपने आरक्षक बेटे की जान नहीं बचा सकता । जी हां  बिलखिरिया थाने में पदस्थ न में पदस्थ आरक्षक सुरेश का कोरोना संक्रमण के कारण निधन हो गया ।जो कि 24  मार्च को कोरोना संक्रमण  के चलते  राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती था । सुरेश के पिता जगदीश विश्वकर्मा एमपी नगर थाने में हेड कांस्टेबल है ।  जगदीश ने  बेटे की जान बचाने के लिए अपना मकान तक बेच दीया बावजूद उनके बेटे की जान नहीं बच सकी ।  सोमवार रात करीब 12 बजे बंसल अस्पताल के डॉक्टर ने सुरेश की मृत्यु की  पुष्टि की।  मालूम हो कि आरक्षक है सुरेश के इलाज  के लिए  स्टाफ के लोगों ने एक लाख रुपए जमा किए थे । सुरेश के निधन की जानकारी मिलते ही  डीआईजी इरशाद वली, आरआई दीपक patil  समेत चूनाभट्टी पुलिस  का स्टाफ मंगलवार सुबह बंसल अस्पताल पहुंचा और सुरेश को अंतिम विदाई  दी। सुरेश का शव परिजन अपने पैतृक गांव पचोर राजगढ़ लेकर गए है। आज कोिवड गाइडलाइन के अनुसार गांव में परिजन सुरेश का अंतिम संस्कार करेंगे।

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