कर्मचारियों ने की मेडिकल स्टोर से दवाईयों की ब्रिकी में 15 लाख की हेराफेरी!

कर्मचारियों ने की मेडिकल स्टोर से दवाईयों की ब्रिकी में 15 लाख की हेराफेरी!
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mp03.in   संवाददाता भोपाल 

भानपुर स्थित पीपुल्स अस्पताल के मेडिकल स्टोर पर पिछले एक साल से दवाइयों की हेराफेरी की जा रही थी। बीते 11 महीनों में करीब 15 लाख की दवाइयां के पैसों की गड़बड़ी ऑडिट के बाद उजागर हुई। हेराफेरी पकड़ में न आए इसके लिए फर्जी कागजात भी बनाए जा रहे थे। पुलिस ने धोखाधड़ी व गबन की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गए हैं।
निशातपुरा पुलिस के अनुसार  करोंद स्थित पीपुल्स यूनीवर्सिटी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी राजकुमार दुबे ने पिछले दिनों एक शिकायती आवेदन देकर बताया था कि पीपुल्स अस्पताल परिसर के भीतर ही  मेडिकल स्टोर है। जहां से फार्मा कंपनियों से आई दवाइयों को रखा जाता था। जो दवाइयां मरीजों को बेची जाती थी उसका रिकार्ड मेडिकल स्टोर में रखा जाता है। जबकि यहां पर आने वाली दवाइयों का रिकार्ड स्टोर में रखा जाता है। पिछले दिनों प्रबंधन द्वारा जब फार्मा कंपनी द्वारा खरीदी गई दवाओं और मेडिकल से बेची गई दवाओं का मिलान किया गया तो गड़बड़ी का शक हो गया। अस्पताल प्रबंधन द्वारा दवाईयों के क्रय-विक्रय संबधी काम के ऑडिट करने का जिम्मा डॉक्टर फार्मेसी नाम की फर्म को दे दिया गया। इस फर्म ने अपनी जांच में पाया कि मेडिकल स्टोर में काम करने वाले कर्मचारी अनुराग, दिनकर, धीरेन्द्र, प्रकाश व हरीश ने दवाओं को बेचते समय पैसों का गबन किया है। उन्होंने मरीजों को दवा बेची लेकिन उसका पैसा अपने पास रख लिया। इस तरह से स्टोर रूम व मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले कर्मचारियों ने संस्था को करीब 15 लाख रुपए का चूना लगाया है। इसी फर्म की रिपोर्ट के आधार पर मामले की शिकायत पुलिस को कर दी। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गबन और धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपियों की अभी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

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