खंडवा के दंपत्ति की भोपाल में मिले शव !

खंडवा के दंपत्ति की भोपाल में मिले शव !
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: खंडवा का दंपति भोपाल में संदिग्ध अवस्था में मिल मिले
– पति-पत्नी के बीच कोर्ट में चल रहा था प्रकरण
– महिला आठ दिन पहले आई थी बेटे को लेकर माता-पिता के पास भोपाल
– आज परिजनों की मौजूदगी में कराया जा रहा पोस्टमार्टम
mp03.in संवाददाता भोपाल 
करीब सालभर से पारिवारिक विवाद के चलते अलग-अलग रहने वाले खंडवा के दंपत्ति का शव राजधानी के शाहपुरा इलाके की एक बस्ती से पुलिस ने बरामद किया है। महिला और उसका पति फांसी के फंदे पर लटके मिले। यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दोनों ने आत्महत्या की है या पति ने पत्नी की हत्या के बाद खुद फांसी पर झूला है। दरवाजा अंदर से बंद था, जिस कारण किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा वारदात को अंजाम देने जैसी स्थिति नहीं बताई जा रही है। शाहपुरा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाने के पुलिस के अनुसार  ने बताया कि रंजीता चाकरे पति जितेंद्र चाकरे (35), जितेंद्र चाकरे(38) दोनों खंडवा के बामनिया गांव के रहने वाले थे। दोनों के दो बच्चे हैं। बेटी 13 साल की है, जबकि बेटा 9 साल का है। दोनों मजदूरी करते हैं। रंजीता के माता-पिता कुछ सालों से भोपाल में रहने लगे हैं। आठ दिन पहले रंजीता अपने बेटे के साथ भोपाल आई थी। उसी ने फोन कर पति जितेंद्र चाकरे को भोपाल बुलाया था कि आओ, मैं तुम्हारे साथ ससुराल चलने को तैयार हूं। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात दोनों कालूराम के किराये के मकान में सोने गए थे। जहां सुबह दोनों की लाश एक ही कमरे में मिली है। कालूराम जितेंद्र का जीजा है, उसने दो साल से किसी लक्ष्मण सिंह नाम के व्यक्ति का मकान किराये पर ले रखा है।
खंडवा कोर्ट में पल रहा प्ररकण
विवेचना अधिकारी ने बताया कि करीब एक साल से पति-पत्नी अलग-अलग रह रहे थे। दोनों में विवाद चल रहा था। फिलहाल दोनों बच्चे मां रंजीता के साथ रह रहे थे। रंजीता के माता-पिता का तर्क है कि कोर्ट ने बच्चों की कस्टडी उनके बेटी को दी थी, हालांकि इस संबंध में रंजीता के भोपाल में रहने वाले माता-पिता ने कोई दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध नहीं करा सके हैं।
खंडवा कोर्ट में जितेंद्र ने करीब छह माह पहले धारा 9 के तहत परिवाद दायर किया था, जिसके तहत वह मायके में रह रही अपनी पत्नी को वापस अपने घर ले जाना चाह रहा था।
पत्नी ने फोन कर बुलाया था
संदिग्ध अवस्था में दोनों की लाश एक साथ मिलने के बाद तरह-तरह के कायास लगाए जा रहे हैं। एएसआई मिश्रा ने बताया कि आठ दिन पहले रंजीता भोपाल में रहने वाले माता-पिता के यहां रहने आई थी। अभी तक की जांच में सामने आया है कि रंजीता ने ही पति को फोन कर खंडवा से भोपाल बुलाया था। जिस कमरे में दोनों की लाश मिली है, उसे कालूराम भामोरे ने दो साल पहले किराये पर लिया था। कालूराम जितेंद्र का जीजा है।

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