सस्ती सीमेंट देने के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को सायबर क्राइम ने दबोचा

सस्ती सीमेंट देने के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को सायबर क्राइम ने दबोचा
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mp03.in संवाददाता भोपाल 
सस्ता सीमेंट बेचने के नाम पर ठेकेदार से जालसाजी करने वाले दो शातिर ठगों कोसायबर क्राईम भोपाल ने गिरफ्तार कर लिया है।
 सायबर क्राइम के अनुसार 19 अक्टूबर को एक व्यक्ति ने शिकायत की गई कि एक अज्ञात नंबर से फोन आया जिसने मार्केट रेट से कम दाम में सीमेण्ट उपलब्ध कराने की बात की। मुझे मेरी पंचवटी साकेत नगर साईट पर सीमेण्ट की जरूरत थी इसलिए मेरे द्वारा उस अज्ञात व्यक्ति से 100 बैग एसीसी सीमेण्ट खरीदने की बात तय हुई। फरियादी की उपरोक्त साईट पर सीमेण्ट के बैगों से भरा एक वाहन पहुंचा जिसके बाद आरोपी द्वारा एक जूस ठेले वाले के खाते में 30000 रूपये जमा करवा दिए। जब फरियादी की साइट पर सीमेंट की डिलेवरी देने कंपनी का ड्राइवर आया तो उसने पैमेंट मांगा। बगैर पेमेंट दिए डिलेवरी देने से इंकार कर दिया।  फरियादी की सीमेण्ट एजेंसी के मालिक से बात हुई तब पता चला कि उक्त अज्ञात व्यक्ति द्वारा बिचैलिया बनकर फरियादी से पेमेण्ट प्राप्त कर लिया है परन्तु सीमेण्ट एजेंसी के मालिक को पेमेण्ट नहीं किया है। तथा उक्त अज्ञात व्यक्ति के द्वारा फोन बंद कर लिया गया एवं किसी भी प्रकार से संपर्क नहीं हो रहा था तब फरियादी को पता चला कि उसके साथ धोखाधडी की गई है।
आवेदन की जाॅच के बाद सायबर पुलिस ने  बैंक खातो के उपयोगकर्ताओं एवं मोबाइल नंबरो के उपयोगकर्ताओं के विरूद्व अपराध क्र- 299/2021 धारा 420 भादवि का पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया। अपराध कायमी के बाद  तकनीकि एनालिसिस के आधार पर त्वरित कार्यवाही कर अशोका गार्डन इलाके से  हीरालाल परिहार और   मोनू पटनायक को गिरफ्तार किया गया। जबकि अंकित उर्फ पिन्टू शर्मा एवं सुरेन्द्र तिवारी फरार हैं।   जिनको गिरफतार किया जाना शेष है। आरोपीेगण से प्रकरण में प्रयुक्त 02 मोबाईल फोन मय सिम व एक अन्य सिमकार्ड को जप्त किया गया है, एवं अपराध में उपयोग खातों में लगभग 5 लाख से अधिक रूपये फ्रीज कराये गई है।
तरीका वारदातः-
 आरोपीगण द्वारा उन ठेकेदारों की जानकारी प्राप्त कर फोन लगाया जाता था जिनको सीमेण्ट की आवष्यकता होती थी, यदि कोई ठेकेदार सीमेण्ट खरीदने का इच्छुक होता था तो उस ठेकेदार को सस्ते दामों पर सीमेण्ट उपलब्ध कराने का सौदा तय करके ठेकेदारों से पूरे रूपये प्राप्त करके भाग जाते थे। फोन बंद कर लेते थे तब फरियादी के पास उक्त आरोपियों से किसी भी प्रकार से संपर्क नहीं हो पाता था। विवेचना के दौरान फरियादी द्वारा दिये गये समस्त दस्तावेज व बैंक से प्राप्त जानकारियों, सीडीआर एवं आईएमईआई तथा तकनीकी विष्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आरोपीगण हीरालाल परिहार को छोला थाना क्षेत्र एवं मोनू पटनायक को अषोका गार्डन से गिरफ्तार किया गया।
इनकी सरहानीय भूमिका 
एसआई भरतलाल प्रजापति, सउनि शेषनाथ सिंह, सउनि पी. चिन्ना राव, आर. उदित, आर. रुपेष, आर. अंकित मिश्रा एवं म.आर. हेमा यादव।

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