छिंदवाड़ा से इंदौर जा रहे ट्रक को कंपनी कर्मचारियों ने भोपाल में रुकवाकर 17 लाख का माल हड़प लिया

छिंदवाड़ा से इंदौर जा रहे ट्रक को कंपनी कर्मचारियों ने भोपाल में रुकवाकर 17 लाख का माल हड़प लिया
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mp03.in संवाददाता भोपाल 

लेनदेन के विवाद पर एक कंपनी के पूर्व कर्मचारियों ने छिंदवाड़ा से इंदौर जा रहे ट्रक को भेापाल में रूकवाकर करीब 17 लाख का माल उतरवा लिया। कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने दोनों पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर लिया।
मिसरोद थाना प्रभारी के अनुसार विजय नगर इंदौर निवासी अश्विनी कुमार विश्वकर्मा पुत्र शिवप्रसाद विश्वकर्मा (38) जिंकालाजिस्टिक साल्युशन कंपनी में प्रिक्योरमेंट ऑफीसर हैं। उनकी कंपनी देश भर में ट्रांसपोर्टेशन का काम करती है। कंपनी का ज्यादतर काम ऑनलाइन ही होता है।  11 जुलाई को कंपनी का एक ट्रक छिंदवाड़ा से  करीब 17 लाख रुपए सर्फ वाशिंग पाउडर और साबुन लोडकर इंदौर की यूनिलीवर कंपनी के लिए रवाना हुआ था। लेकिन जब नियत तारीख को ट्रक वहां पर नहीं पहुंचा तो अश्विनी कुमार ने ट्रक को उसकी जीपीआरएस लोकेशन से आनलाइन तलाश किया। जोकि भोपाल के मिसरोद थानांतर्गत श्रीराम नगर में रोका गया है। उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसकी जांच में पाया गया कि कंपनी के पूर्व कर्मचारी प्रकाश मिश्रा औश्र शोभित पोरवाल ने उक्त ट्रक को रुकवाकर माल उतरवाया है। कंपनी की ओर से इस मामले की शिकायत पुलिस को की गई थी। पुलिस ने जांच करने के बाद ओमप्रकाश मिश्रा तथा शोभित पोरवाल के खिलाफ अमानत में यानत तथा आपराधिक साजिश रचने का प्रकरण दर्ज कर लिया है।

 

कैसे किया कारनामा 

दोनो ही जिंकालाजिस्टक कंपनी के पूर्व अधिकारी हैं। जिन्हें कुछ गड़बड़ियों के चलते निकाल दिया गया था। दोनों का कंपनी से कुछ लेनदेन बकाया है। जिसको लेकर उन्होंने ट्रक को ट्रेस कर माल भोपाल में उतरवाया। दोनों के कंपनी से जुडे़ होने के चलते पता था कि ट्रक को आनलाइन  कैसे लोकेट किया जाता है। दोनों पूर्व कर्मचारियों ने आनलाइन ट्रक को लोकेट कर  ट्रक के ड्राइवर आसिम से संपर्क किया तथा उसे भोपाल बुलवा लिया। यहां पर दोनों ने कहा कि कंपनी का कहना है कि ट्रक के माल को भोपाल में ही उतार लिया जाए। ड्राइवर को यह पता ही नहीं था कि दोनों अब कंपनी के कर्मचारी नहीं है इसलिए उसने वैसा ही किया जैसा दोनों ने कहा।

माल देने के एवज में कंपनी पर दबाव बनाया

र माल उतरवाने के बाद दोनों कंपनी पर दबाव डालने लगे कि पहले उनके पैसे का हिसाब-किताब पूरा करो तभी वे माल वापस करेंगे।

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