पैसा दोगुना का झांसा देकर चिटफंड कंपनी लोगों के लाखों लेकर फरार

पैसा दोगुना का झांसा देकर चिटफंड कंपनी लोगों के लाखों लेकर फरार
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– फरियादी सहित कई लोगों ने 2014 में जमा किए थे पैसे, 2018 से कंपनी बंद
mp03.in संवाददाता भोपाल
 चिटफंड कंपनी लोगों को पांच साल में उनका पैसा दोगुना करने का झांसा देकर लोगाें के लाखों रूपए लेकर चार साल में फरार हो गई। पीड़ितों की शिकायत की  लंबी जांच के बाद बागसेवनिया पुलिस ने चिटफंड कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। हालांकि कंपनी किसकी है, इसके कर्ताधर्ता कौन थे, पुलिस अभी तक यह भी पता नहीं लगा सकी है।
बागसेवनिया पुलिस के अनुसार वल्लभ नगर बस्ती निवासी 50 वर्षीय रामदेव प्रजापति मिस्त्री का कार्य करता है। रामदेव ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2014 में उसे किसी परिचित ने बताया कि बागसेवनिया थाने के नारायण नगर में सुविधा लैंड डेवलेपर्स इंडिया लिमिटेड नाम से एक कंपनी खुली है। कंपनी पांच साल में रकम दोगुनी करके देने का वादा कर रही है। इसके बाद रामदेव ने कंपनी के दफ्तर पहुंचा, जहां दो लोग मिले और खुद को कंपनी का अधिकारी बताते हुए पांच साल में पैसे दोगुने करने का झांसा दिया। इसके बाद रामदेव ने 2014 में ही 80 हजार रुपए कंपनी में जा करा दिए, हालांकि कंपनी के कर्ताधर्ता कौन हैं, कहां के रहने वाले हैं और जिससे उसकी कार्यालय में बात हुई थी, वह कौन लोग हैं इसका पता रामदेव को नहीं है।
दफ्तर बंद होने के बाद ठगी का पता चला
 रामदेव अभी अकेला ही फरियादी पुलिस के सामने आया है, लेकिन पूछताछ में सामने आ रहा है कि कई दर्जन लोगों ने चिटफंड कंपनी के झांसे में आकर सुविधा लैंड डेवलेपर्स इंडिया लिमिटेड के खाते में लाखों रुपए जमा किए हैं। रकम जमा करने के बाद फरियादी पैसे दोगुने होने को लेकर आश्वस्त हो गया। 2018 में उसे पता चला कि जिस कंपनी में उसने पैसे जमा किए हैं, वह कंपनी नारायण नगर स्थित अपना कार्यालय बंद कर चंपत हो गई है। इसके बाद फरियादी ने काफी समय तक कंपनी और उसके कर्ताधर्ताओं व रकम जमा करने वाले लोगों की तलाश करता रहा। 2018 में ही फरियादी ने बागसेवनिया थाने में चिटफंड कंपनी के खिलाफ शिकायत की थी। हालांकि इसके बाद उसने पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर पुलिस मुख्यालय तक धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने के लिए आवेदन देता रहा। पुलिस ने लंबी जांच के बाद कल कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। कंपनी संचालकों की जानकारी नहीं पर पुलिस ने सीधे कंपनी के खिलाफ ही मामला दर्ज किया है।

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