10 वीं के छात्र ने फांसी लगाकर जान दी

10 वीं के छात्र ने फांसी लगाकर जान दी
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mp03.in संवाददाता भोपाल
मिसरोद इलाके में  सीआरपीएफ जवान के 10 वीं में पढ़ने वाले बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।  सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्र के पिता बालाघाट से भोपाल के लिए रवाना हो गए हैं।
पुलिस के अनुसार कैपिटल ग्रीन कॉलोनी बंगरसिया निवासी अभिनेंद्र सिंह भदौरिया सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल हैं, जोकि बालाघाट में पदस्थ हैं।  भोपाल में उनकी पत्नी अपने दो बेटों के साथ रहती हैं। बड़े बेटे रीतेंद्र सिंह भदौरिया उर्फ गोलू (15) इस साल नौवीं कक्षा पास करने के बाद दसवीं में गया था। शुक्रवार की रात रीतेंद्र ने छोटे भाई और मां के साथ खाना खाया और कमरे में सोने के लिए चला गया। उसकी मां छोटे भाई के साथ दूसरे कमरे में थी। रीतेंद्र रात करीब बारह बजे तक अपना मोबाइल फोन चलाता रहा। शनिवार सुबह करीब दस बजे तक रीतेंद्र कमरे से बाहर नहीं आया तो मां ने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा भीतर से बंद होने के कारण उन्होंने पीछे जाकर खिड़की से देखा तो वह दुपट्टे से फांसी के फंदे पर लटका दिखा। मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मां और छोटे भाई ने भी फिलहाल ऐसा कुछ नहीं बताया है, जिससे फांसी लगाने के कारणों का पता चल सके। पुलिस उसके मोबाइल फोन की जांच कर रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद रीतेंद्र के पिता अभिनेंद्र सिंह बालाघाट से भोपाल के लिए रवाना हो गए हैं।
महिला के फर्जी हस्ताक्षर कर चैक जारी करने वाले पड़ोसी पर मामला दर्ज 
ऐशबाग इलाके मेंमहिला के फर्जी हस्ताक्षर कर चैक जारी करने वाले पड़ोसी  युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस के अनुसार  शगुफ्ता हाशमी (32) गृहणी हैं, जबकि उनके पति व्यवसाय करते हैं। गत जून महीने में बैंक ने शगुफ्ता को डाक द्वारा चैकबुक भेजी थी। डाक लेकर घर पहुंचा कोरियर कर्मचारी जब उनका पता पूछ रहा था, तभी शाहरुख नामक युवक ने बताया कि वह उनका पड़ोसी है और डाक उन्हें पहुंचा देगा। कर्मचारी ने शाहरुख पर भरोसा करते हुए उसे डाक की डिलीवरी कर दी। कुछ समय बाद शाहरुख को लोगों को पेमेंट करना था तो उसने शगुफ्ता के फर्जी हस्ताक्षर कर चैक काट दिए। लोगों ने जब चैक  बैंक में डाले तो वह अस्वीकार हो गए। लगतार दस-बारह चैक पहुंचने के बाद बैंक ने शगुफ्ता को नोटिस भेजा तो उन्हें इसका पता चला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

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