तालाब में नहाने गए दो सगे मासूम भाइयों की डूबने से मौत

तालाब में नहाने गए दो सगे मासूम भाइयों की डूबने से मौत
– खेत से मां को घर जाने का कहकर निकले थे मासूम

mp03.in संवाददाता भोपाल 

नजीराबाद स्थित गांव खेरखेड़ा के पंचायती तालाब में सोमवार दोपहर डूबने से दो सगे मासूम भाइयों की मौत हो गई।  शाम तक दोनों घर नहीं पहुंचे तो परिजन और ग्रामीणों ने उनकी तलाश की थी। इस दौरान दोनों की लाश पंचायती तालाब में मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों बच्चों की लाश पीएम के लिए मर्चूरी भेज दी है। आज पीएम के बाद परिजन को लाश सौंपी गई।
थाना प्रभारी बीपी सिंह के अनुसार भगवान सिंह मैहर गांव खेरखेड़ा में रहते हैं। वे पेशे से किसान है। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे थे। उनकी पत्नी कविता मैहर ने पुलिस को बताया कि गांव में ही शासकीय भूमि पर वे खेती किसानी करते हैं। पंचायती तालाब से कुछ दूरी पर खेत है। दोपहर करीब तीन बजे के आसपास वह खेत पर काम कर रही थी। इस दौरान उनके साथ बेटो वीरेंद्र मैहर (9) और निर्मल मैहर (8) मौजूद था। वीरेंद्र और निर्मल ने उनसे कहा कि मां हम घर जा रहे है। कविता ने उन्हें कहा था कि थोड़ा काम बचा है रुको साथ चलेंगे, लेकिन दोनों ने घर जाने की जिद की और मां ने उन्हें इजाजत दे दी।
तालाब पर नहाने पहुंचे बच्चे
कविता ने पुलिस को बताया कि वह घर पहुंची तो वहां बड़ा बेटा मिला।  जबकि वीरेंद्र और निर्मल नजर नहीं आए। घटना की जानकारी कविता ने पति भगवान सिंह को दी। इसके बाद दंपती बच्चों की तलाश आसपास करने लगे। इधर ग्रामीणों को भी पता चल गया कि वीेरेंद्र और निर्मल लापता है और वह भी तलाश में मदद करने लगे। ग्रामीणों ने अनहोनी की आशंका पर तालाब किनारे पहुंचकर तलाश की थी। इस दौरान वीरेंद्र और निर्मल के कपड़े तालाब किनारे पड़े नजर आए। ग्रामीणों ने तालाब में बच्चों की तलाश की और करीब तीस मिनट की मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव पानी से बाहर निकालकर पीएम के लिए भेज दिए गए।
नहीं है तालाब के आसपास फैंसिंग
गांव में बनाए गए इस पंचायती तालाब में सुरक्षा के लिहाज से फैंसिंग नहीं है। यहां बच्चें और ग्रामीण नहाने और कपड़े धोने समेत शौच के लिए जाते हैं और अक्सर हादसे की आशंका बनी रहती है। उल्लेखनीय है कि अभी दो महीने पहले ही बैरसिया शासकीय तालाब में डूबने से तीन मासूमों की मौत हो गई थी।

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