2 लाख की ठगी करने वाले सायबर जालसाज का एक और साथी गिरफ्तार

2 लाख की ठगी करने वाले सायबर जालसाज का  एक और साथी गिरफ्तार
mp03.in संवाददाता भोपाल 
क्राईम ब्रांच ग्वालियर की सायबर क्राईम टीम ने मोबाइल की स्क्रीन शेयर कर 2 लाख रूपए की सायबर ठगी करने वाले जालसाज के  एक और साथी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से  50 हजार रूपए  जप्त किए हैं।
ग्वालियर पुलिस के अनुसार एसपी  अमित सांघी के  निर्देश पर ग्वालियर सायबर क्राईम टीम द्वारा बैकिंग फ्रॉड करने वालों विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी दौरान आवेदक अवधेश भदौरिया द्वारा पुलिस अधीक्षक के समक्ष किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके खाते से 02 लाख रूपये का ट्रांजेक्शन किये जाने की शिकायत की थी। आवेदक द्वारा अपनी शिकायत में बताया गया कि उनके द्वारा अपने फोन पर का यूपीआई पिन चेंज किया गया था। यूपीआई पिन को चेंज करने के बाद उनका फोन-पे ठीक से काम नहीं कर रहा था, इस समस्या के समाधान हेतु उनके द्वारा गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया जाकर उस नंबर पर फोन किया गया तो, फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को फोन-पे कंपनी का कर्मचारी बताते हुए फरियादी को अपने मोबाइल पर ‘‘एनीडेस्क’’ नामक एप डाउनलोड करने के लिए कहा गया। फरियादी द्वारा एनीडेस्क एप डाउनलोड किये जाने के उपरांत स्वयं को फोन-पे कंपनी का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति ने फरियादी से अपना बेलेंस चैक करने के लिये पिन नंबर डालने के लिये बोला गया। फरियादी द्वारा पिन डालते ही उसके खाते से ₹2,00,000/- रूपये का ट्रांजैक्शन ठग के खाते में हो गया था। पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए *अति0 पुलिस अधीक्षक शहर-पूर्व/अपराध श्री राजेश डण्डोतिया* को उक्त शिकायत की जांच क्राईम ब्रांच की सायबर क्राईम टीम से कराते हुए प्रकरण में संलिप्त ठग की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया था।
जिसके बाद सीएसपी मुरार/डीएसपी अपराध ऋषिकेश मीणा के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए थाना प्रभारी क्राईम ब्रांच निरी0 दामोदर गुप्ता द्वारा सायबर क्राईम टीम प्रभारी को उक्त शिकायत पर तत्काल प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही करने के लिये कहा गया। सायबर क्राईम टीम द्वारा उक्त शिकायत पर से अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 55/22 धारा 420 भादवि, 66 आईटी एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना में लिया गया था। दौराने विवेचना तकनीकि साक्ष्यों के आधारा पर ज्ञात हुआ कि इस ठगी का पूरा नेटवर्क झारखण्ड से संचालित किया जा रहा है उक्त सूचना पर से सायबर क्राईम टीम द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए सायबर क्राईम की एक टीम को निरी0 श्रीमती नरेश गिल के नेतृत्व में आरोपी की तलाश में जिला देवघर, झारखण्ड भेजा गया। पुलिस टीम द्वारा उक्त आरोपी को ग्राम लेटो, जिला देवघर झारखण्ड से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किये गये आरोपी के पास से 50 हजार रूपये नगद बरामद किये गये जिन्हे विधिवत् जप्त किया गया। ज्ञात हो कि उक्त अपराध मे पूर्व मे भी सायबर क्राइम टीम द्वारा झारखण्ड निवासी आरोपी को जयपुर राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपी एक ही गाँव के निवासी हैं एवं अच्छे दोस्त हैं। दोनों आरोपियो द्वारा मिलकर इस प्रकार की सायबर ठगी को झारखण्ड से ही अंजाम दिया जाता है। सायबर क्राइम टीम द्वारा गिरफ्तारशुदा आरोपी के बैंक खातों की जाँच की जा रही है साथ ही यह जानकारी भी एकत्रित जा रही है कि आरोपी द्वारा अभी तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाकर सायबर ठगी की गई है।
*बचाव के सुझाव *– किसी भी कस्टमर केयर का नंबर उस संस्था की आधिकारिक वेबसाईट से ही लें। यल वेबसाइट से ही लें। किसी भी प्रकार का कोई भी स्क्रीन शेयर एप अपने मोबाइल में डाउनलोड ना करें। अपनी व्यक्तिगत जानकारी अथवा बैंक से संबंधित कोई भी जानकारी फोन पर किसी भी अनजान व्यक्ति को ना शेयर करें। किसी भी प्रकार का कोई भी कोई भी साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत अपने नजदीकी थाने या साइबर थाने में में इसकी शिकायत करें।
*सराहनीय भूमिकाः* उक्त संपूण कार्यवाही में निरीक्षक श्रीमती नरेश गिल, वर्षा सिंह, उनि0 धर्मेन्द्र शर्मा, हरेन्द्र सिंह राजपूत, कीर्ती अजमेरिया, प्र.आर. भगवती सोलंकी, सत्येन्द्र कुशवाह, आर. सुमित भदौरिया, सुनील शर्मा, श्यामू मिश्रा, ओमशंकर सोनी, गौरव पवार, शिवशंकर शर्मा, नवीन पाराशर, आकाश पाण्डेय, कपिल एवं म.आर. सुनीता कुशवाह की सराहनीय भूमिका रही।

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