क्लोरीन गैस रिसाव के चलते घर से निकले लोग, धार्मिक स्थल व रिश्तेदारों के घरों में बीताई रात

क्लोरीन गैस रिसाव के चलते घर से निकले लोग, धार्मिक स्थल व रिश्तेदारों के घरों में बीताई रात

– शिफटिंग से पहले पुलिस से मांगी सूने घरों की सुरक्षा की गारंटी
– मदर इंडिया कॉलोनी में क्लोरीन गैस के रिसाव का मामला

mp03.in संवाददाता भोपाल 

मदर इंडिया कॉलोनी स्थित पानी की टंकी से क्लोरीन गैस के रिसाव के बाद बुधवार-गुरूवार की दरमियानी रात सुरक्षा के लिहाज से घटना स्थल के आस पास रहने वाले करीब दो दर्जन से अधिक परिवारों को शिफ्ट किया गया। कई लोगों ने नजदीक के धार्मिक स्थल और धर्मशालाओं में रात बिताई तो कईयों को घटनास्थल से दूर अपने परिजनों के घरों पर रात बिताने जाना पड़ा। लोगों का कहना था कि सूने घर छोड़ते ही इलाके में चोरी की वारदातें हो जाती हैं, ऐसे में वह अपने माल का नुकसान नहीं चाहते। तब मौके पर पहुंचे डीसीपी रियाज इकबाल ने लोगों को समझाईश दी। उनके सूने आवासों की सुरक्षा की जवाबदारी ली। पूरी कॉलोनी में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। जिसके बाद लोग अपने घरों में ताले लगाकर सुरक्षित स्थान की ओर कूच कर गए। वहीं इस मामले में अब तक किसी की जि मेदारी तय नहीं की गई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
जानकारी के अनुसार देर रात गैर रिसाव के बाद स्पॉट पर ड्यूटी करते हुए शाहजहांनाबाद थाने के टीआई सौरभ पांडे भी गैस की चपेट में आ गए। उन्हें सांस लेने में तकलीफ के साथ आखों से आंसू और सीने में जलन की शिकायत थी। उनके साथ आरक्षक चंदन को भी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। वहीं गैस की चपेट में आई संगीता बाई,सरवती बाई,बान बाई,पुष्पा जाटव, परवेज सहित अन्य तीनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। इन सबको भी सांस लेने में तकलीफ और आंखो और सीने में जलन की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। मदर अंडिया कॉलोनी में रहने वाली अनीसा बी ने बताया कि वह शादी पार्टियों में बर्तन मांझने का काम करती हैं। कल भी खानूगांव स्थित एक गार्डन में काम पर गई थीं। शाम करीब साढ़े सात बजे बच्चों ने कॉल कर बताया कि गैस लीक हो गई है, सब अपने घरों को छोड़कर भाग रहे हैं। मोहल्ले में अफरा तफरी का महौल है, मां जल्दी आ जाओ, हम भी किसी महफूज ठिकाने पर चलें। जब वह आई तो चारों ओर अफरा-तफरी थी, लोग खांसते हुए भाग रहे थे। दो महिलाओं को ए बुलेंस से अस्पताल की ओर रवाना किया जा रहा था।
– बाहर निकले तो महिलाओं को जमीन पर पड़ा देखा
वाटर प्लांट (घटना स्थल के नजदीक) रहने वाले नसीम ने बताया कि शाम पांच बजे से कुछ बदबू सी आ रही थी। 6 बजे तक घर में गैस भर गई, बच्चों को खांसी होने लगी। तब बाहर निकलकर देखा तो संगीता दीदी और सरस्वती दीदी, बाहर जमीन पर लेती थीं। दोनों बुरी तरह से खांस रही थीं और बेहोशी जैसी हालत में थीं। तभी आस पास के लोगों की मदद से उन्हें नीचे की तरफ लाया गया। यहां से एम्बुलेंस से उन्हें अस्पताल भेजा। इस समय पूरे महोल्ले में चीखपुकार मच चुकी थी। सब अपने घरों को छोड़कर कोहेफिजा की ओर मुख्य सड़क पर भाग रहे थे। तब तक स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच चुकी थी। रेस्क्यू भी शुरु कर दिया गया था। नसीम का कहना है कि रिसाव दोपहर से ही होने लगा था। नगर निगम के कर्मचारी बार बार प्लांट पर आकर कुछ कर रहे थे। शाम के समय रिसाव में इजाफा हुआ है।

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