नवजात जुड़वा बच्चों को तलाशने पुलिस बनीं चकरघन्नी !

नवजात जुड़वा बच्चों को तलाशने पुलिस बनीं चकरघन्नी !

mp03.in संवाददाता भोपाल 

रंगमहल चौराहे के फुटपाथ से  लापता हुए 16 दिन के नवजात जुड़वा बच्चों को तलाशने में बीते दो दिनों से पुलिस चकरघन्नी बन चुकी है। लेकिन अबतक लापता बच्चों का पुलिस को कोई सुराग नहीं ल सकता है।  पीड़ित महिला का कहना है कि वह अपने दोनों बच्चों को शुक्रवार सुबह साढ़े छह बजे फुटपाथ पर लिटाकर बाथरूम गई थी। कुछ देर बाद वापस लौटी तो बच्चे नहीं मिले। महिला की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बच्चों के अपहहरण का केस दर्ज कर लिया है। हालांकि जब इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए तो मामला ज्यादा गहरा गया। दरअसल घर से निकलते समय बच्चे महिला की गोद में दिखाई पड़े हैं, लेकिन घटनास्थल के आसपास उसकी गोद सूनी थी।
टीटी नगर पुलिस के मुताबिक सपना धाकड़ (27) मूलत: बैरसिया की रहने वाली है। करीब पांच साल पहले उसकी शादी कोलार तिराहा झुग्गीबस्ती निवासी बृजमोहन से हुई थी। बृजमोहन ड्रायवरी करता था, लेकिन फिलहाल घर पर ही रहता है। दोनों की एक बड़ी बेटी है, जबकि 16 दिन पहले 7 सितंबर को महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है। थाने पहुंची सपना ने पुलिस को बताया कि परिवार वालों से विवाद के बाद शुक्रवार सुबह वह दोनों बच्चों को लेकर मायके जाने के लिए घर से निकली थी। सुबह करीब छह बजे उसने रंगमहल चौराहा स्थित एक दुकान के सामने फुटपाथ पर बच्चों को लिटा दिया और बाथरूम करने चली गई। कुछ देर बाद वापस लौटी तो कंबल में लिपटे दोनों बच्चे नहीं मिले। उसने आसपास के इलाके में काफी तलाश किया, लेकिन जब बच्चों को कुछ पता नहीं चला तो थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने सपना की रिपोर्ट पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बच्चों के अपहरण का केस दर्ज कर लिया।
सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से गहराया रहस्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने बच्चों की तलाश में अलग-अलग टीमें लगाई। इसके साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम को भी बच्चों और उन्हें लेकर जाने वालों की तलाश में लगाया गया। पुलिस टीमों ने शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों की छानबीन की और मुखबिरों को सतर्क किया। इधर एक टीम ने सिटी सर्विलांस की मदद से इलाके में लगे कैमरों की फुटेज खंगालने शुरू किए। इस दौरान पता चला कि घर से निकलने के बाद महिला हबीबगंज थाने के पास सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। उस वक्त वह बच्चों को गोद में लिए हुए दिखाई दी है, लेकिन घटनास्थल के आसपास के कैमरों में उसकी गोद खाली नजर आई है। इस बीच में बच्चे कहां गए, इसके बारे में महिला कुछ भी नहीं बता पा रही है। घटना के बाद से वह बदहवासी की हालत में है, इसलिए सही जानकारी नहीं दे पा रही है। पुलिस अधिकारी लगातार उससे पूछताछ कर बच्चों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
परिजनों ने किया झगड़े की बात से इंकार
महिला ने परिवार से झगड़ा होने के बाद मायके जाने के लिए घर से निकलना बताया था, लेकिन परिजनों ने किसी प्रकार के विवाद से इंकार किया है। घरवालों ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार सुबह करीब चार बजे महिला ने दोनों बच्चों को दूध पिलाया करीब आधे घंटे बाद वह बच्चों को लेकर घर के बाहर निकली थी। परिजनों को लगा कि वह बच्चों को घर के बाहर घुमा रही होगी, इसलिए उन्होंने उस पर ध्यान नहीं दिया। काफी देर बाद भी जब उसका कुछ पता नहीं चला तो परिजन खुद उसकी तलाश कर रहे थे।
किसी को सौंपा या फेंका, इस पर चल रही जांच
प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि घर से निकलने के बाद महिला ने दोनों बच्चों को रास्ते में किसी को सौंप दिया है, या फिर उसने बच्चों को कहीं फेंक दिया होगा। इसलिए पुलिस की टीमों ने घर से रंग महल चौराहे तक पहुंचे वाले रास्तों में पड़ने वाले कूड़ा-करकट के ढेर, कचरे के डिब्बे और नाले-नालियों की तलाश की, लेकिन बच्चों को कुछ पता नहीं चल पाया। ज्यादा संभावना है कि महिला ने किसी को दोनों बच्चे सौंप दिए हैं। उससे पूछताछ कर मामले का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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